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Phulpur By election : बुझकर भी उप चुनाव पर असर डालेगी छात्र आंदोलन की आग, नया सियासी गुल खिला सकती है
Fri, 15 Nov 2024 11:56 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 15 Nov 2024 11:56 AM IST
सार
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अभी आयोग ने पीसीएस प्री के सवाल पर प्रतियोगियोंयुवा की बात मानी है। आरओ , एआरओ को लेकर छात्र अभी भी आयोग के सामने डटे हुए हैं। ऐसे में अगर सरकार ने दिल बड़ा नहीं किया आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।
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प्रयागराज में प्रदर्शन करते अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी में नौ सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव से पहले लोक सेवा आयोग के सामने नार्मलाइजेशन के विरोध में प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन की आग भले ठंडी की जा रही है, लेकिन इसकी सियासी आंच समीकरणों पर असर डाल सकती है। इस आंदोलन ने पूरे प्रदेश की राजनीति को तो प्रभावित किया ही है, हर वर्ग का ध्यान भी खींचा है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह आंदोलन खत्म होकर भी नए सियासी गुल खिला सकता है। नार्मलाइजेशन के खिलाफ चार दिन से लोक सेवा आयोग के सामने दिन रात डटे रहने वाले प्रतियोगी छात्रों के आगे लोक सेवा आयोग बैकफुट पर आ गया है।
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उप चुनाव के बीच इस आंदोलन को लेकर जिस तरह विपक्ष हवा देने में जुटा था, उसे लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार के कान खड़े हो गए थे। कहा जा रहा है कि उप चुनाव के बीच गलत संदेश जाने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप कर आंदोलनकारी छात्रों को यह जताने की कोशिश की है कि सरकार उनके साथ है और प्रतियोगी छात्रों के हितों से किसी भी दशा में खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन, अचानक लोक सेवा आयोग के अड़ियल रवैये में बदलाव आने और आयोग के बैकफुट पर जाने के अब निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अभी आयोग ने पीसीएस प्री के सवाल पर प्रतियोगियोंयुवा की बात मानी है। आरओ , एआरओ को लेकर छात्र अभी भी आयोग के सामने डटे हुए हैं। ऐसे में अगर सरकार ने दिल बड़ा नहीं किया आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। ऐसे में यूपी की नौ सीटों पर हो रहे उप चुनाव पर इस आंदोलन का असर पड़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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