फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Petition dismissed with a fine of Rs 5,000 for making baseless allegations against the presiding officer

High Court : पीठासीन अधिकारी पर बेबुनियादी आरोप लगाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना के साथ याचिका खारिज

Sat, 03 May 2025 05:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 May 2025 05:25 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी पर लगाए गए आरोप आधारहीन और बिना किसी ठोस प्रमाण के हैं। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह कहा जाए कि पीठासीन अधिकारी पक्षपाती हैं।

विज्ञापन
Petition dismissed with a fine of Rs 5,000 for making baseless allegations against the presiding officer
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी पर लगाए गए आरोप आधारहीन और बिना किसी ठोस प्रमाण के हैं। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह कहा जाए कि पीठासीन अधिकारी पक्षपाती हैं। मामले की सुनवाई में विलंब होता है तो वह चिंता का विषय हो सकता है, किंतु यह पक्षपात का प्रमाण नहीं है। पीठासीन अधिकारी और प्रतिवादी के बीच मिलीभगत का आरोप आपराधिक अवमानना की सीमा को छूता है। ऐसे आरोप स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार का उपयोग नहीं, बल्कि अनुशासनहीनता और मर्यादाहीनता का प्रदर्शन हैं, जो एक सभ्य समाज के लिए अनुपयुक्त हैं।

विज्ञापन

यह टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की पीठ ने पांच हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज दी। बरेली निवासी याचिकाकर्ता जय सिंह ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अंतर्गत संशोधन संख्या 791/2021 (गणेशनुज दास बनाम गोपाल राम एवं अन्य) को अपर आयुक्त (न्यायिक) तृतीय, बरेली की अदालत से किसी अन्य सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग की थी। यह स्थानांतरण आवेदन राजस्व बोर्ड ने अस्वीकार कर दिया गया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

विज्ञापन

याची अधिवक्ता ने दलील दी कि परिषद का आदेश कारण रहित और अत्यंत संक्षिप्त है। पीठासीन अधिकारी ने 25 मई 2023 की एक प्रार्थना-पत्र को न सुनकर सीधे अंतिम सुनवाई के लिए तारीख नियत कर दी, जो पक्षपातपूर्ण आचरण को दर्शाता है। प्रतिवादी संख्या 4 (गणेशनुज दास) और पीठासीन अधिकारी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। कोर्ट ने आरोपों को बेबुनियाद और आधारहीन बताते हुए पांच हजार रुपये जुर्माने के साथ याचिका खारिज दी। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यह आदेश सिविल जज (सीनियर डिवीजन), बरेली के माध्यम से अपर आयुक्त (न्यायिक) तृतीय, बरेली को भेजा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed