Prayagraj News : अरैल में बसेगी स्थायी टेंट सिटी, प्रयोग के तौर इसी माघ मेले से होगी शुरुआत
कुंभ-2019 में अरैल में अस्थाई तौर पर टेंट सिटी बसाई गई थी। इसमें स्टार सीरीज के होटलों जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं थीं। अलग-अलग देश के व्यंजनों की भी सुविधा प्रदान की गई थी। आधुनिक सुविधाआें वाले इस सिटी को लेकर पर्यटकों में भी खासी रुचि रही और ज्यादातर कॉटेज बुक रहे।
विस्तार
कुंभ क्षेत्र में स्थायी टेंट सिटी बसाई जाएगी। इसी माघ से इसकी शुरुआत भी हो जाएगी। प्रयोग के तौर पर फिलहाल अरैल में 20 से 25 टेंट लगाने की योजना बनाई गई है। इसका निर्माण स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराया जाएगा। इसके लिए सर्वे भी शुरू हो गया है।
कुंभ-2019 में अरैल में अस्थाई तौर पर टेंट सिटी बसाई गई थी। इसमें स्टार सीरीज के होटलों जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं थीं। अलग-अलग देश के व्यंजनों की भी सुविधा प्रदान की गई थी। आधुनिक सुविधाओं वाले इस सिटी को लेकर पर्यटकों में भी खासी रुचि रही और ज्यादातर कॉटेज बुक रहे। इसे देखते हुए अरैल में ही स्थायी टेंट सिटी बसाने का निर्णय लिया गया है।
पर्यटन विभाग के निर्देशन में टेंट सिटी का संचालन निजी संस्था करेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से अरैल में सर्वे कराने के साथ संस्था की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि इस माघ मेला में ही टेंट सिटी बसाई जाएगी। हालांकि, इसका स्वरूप छोटा होगा। इसकी सफलता के बाद आगे इसे विस्तार दिया जाएगा।
होंगी अन्य सुविधाएं
टेंट सिटी में ठहरने वाले पर्यटकों को संगम स्नान, अक्षय वट दर्शन आदि को ध्यान में रखकर अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराईं जाएंगी। टेंट सिटी में हवन-पूजन आदि की सुविधा होगी। इसके अलावा अरैल घाट तक आवागमन के लिए बस एवं ई-रिक्शस, नांव, मोटरबोट आदि की सुविधा भी होगी।
वीआईपी क्षेत्र घोषित है अरैल
माघ मेला एवं कुंभ में आने वाले प्रमुख लोगों तथा पर्यटकों की बड़ी संख्या को देखते हुए अरैल को पहले ही वीआईपी क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इसे ही ध्यान में रखकर वहां सड़क, आवागमन, ठहरने आदि की व्यवस्था आदि सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कुंभ संग्रहालय समेत हाेंगे कई आकर्षण
अरैल क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गंगा किनारे सुंदरीकरण कराया जाएगा। वहां कुंभ संग्रहालय समेत अन्य आकर्षण भी होंगे। महाकुंभ-2025 से पहले संगम नोज से अरैल के बीच रोपवे भी शुरू हो जाएगा।