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प्रयागराज : सिरदर्द बने 50 हजार से अधिक बिजली के बकायेदार, ढूंढकर थके अफसर

Sat, 02 Sep 2023 05:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 02 Sep 2023 05:09 PM IST
सार

जिले में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 4.15 लाख के बिजली के बकायेदार हैं। शहरी क्षेत्र में ही 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर विभाग के करोड़ों रुपये बकाया है। अन्य सभी बकायेदार ग्रामीण इलाकों के हैं।

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Over 50,000 electricity dues become a headache, officers tired of searching
power - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजली विभाग को 50 हजार से अधिक बकायेदार ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। उनके या तो फोन स्विच्ड ऑफ हैं या नंबर बदल गया है। अब बकाया वसूली के लिए अफसर उनको ढूंढते थक गए हैं। ऐसे बकायेदारों के चक्कर में फोन घुमाओ अभियान औंधे मुंह लुढ़क गया है।

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जिले में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 4.15 लाख के बिजली के बकायेदार हैं। शहरी क्षेत्र में ही 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर विभाग के करोड़ों रुपये बकाया है। अन्य सभी बकायेदार ग्रामीण इलाकों के हैं। इन सभी बकायेदारों पर विभाग के 500 करोड़ रुपये से अधिक का बिल बकाया है। बकायेदारों में सबसे अधिक संख्या यमुनापार की है। ऐसे बकायेदारों से बिलों की वसूली के लिए यूपीपीसीएल ने फोन घुमाओ अभियान शुरू किया है। लेकिन, अब फोन घुमाने की जब बारी आई तो तमाम उपभोक्ताओं के फोन बंद पाए जाने पर बिजली विभाग के अभियंताओं के होश फाख्ता हो गए हैं।

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30 से 50 बकाएदारों से रोज करेंगे संपर्क

एमडी पंकज कुमार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी अपने-अपने स्तर पर 30-50 बकायेदारों से रोजाना संपर्क स्थापित करेंगे और उनसे बिजली बिल जमा कराने का आग्रह करेंगे। सूची पर नजर डालें तो सबसे दयनीय स्थित ग्रामीण उपभोक्ताओं की है, जबकि शहरी उपभोक्ता बिल जमा करने के मामले में कुछ हद तक ठीक हैं।

मोबाइल नंबर गलत होने या फिर बंद होने में अधिकतर लोगों के कनेक्शन पुराने हैं। या फिर वह किराए का मकान छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं और इनका कनेक्शन बंद नहीं किया गया है। वहीं, सरकारी दफ्तरों व संस्थानों को भी करोड़ों रुपये बकाया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ओटीएस स्कीम के वक्त अच्छी संख्या में लोग बिल का भुगतान करते हैं।

फोन घुमाते ही सामने आई हकीकत, नंबर मिलने लगे बंद

शुक्रवार को इस अभियान की शुरुआत हुई। इसके लिए सभी उपखंड, उपकेंद्र से फोन करने के साथ-साथ मुख्य अभियंता कार्यालय और अधीक्षण अभियंता कार्यालय से बकायेदारों को फोन लगाया गया। बकायेदारों से फोन पर संपर्क करने के दौरान अधिकतर नंबर या तो बंद मिले या फिर उपभोक्ता का गलत नंबर विभाग के कागजों में दर्ज था। मुख्य अभियंता कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से बकायेदारों को फोन करने वालों में शामिल कर्मचारियों के अनुसार बकायेदारों में 50 फीसदी के करीब उपभोक्ताओं के नंबर या तो बंद हैं या फिर गलत नंबर दर्ज कराया गया है। ऐसे में बकायेदारों से सीधा संपर्क कर पाना मुश्किल हो रहा है।

फोन घुमाओ अभियान के तहत सभी अधिकारी अपने स्तर पर सूची तैयार करके बिजली बिलों की वसूली का प्रयास कर रहे हैं। जो नंबर बंद हैं उनकी अलग से सूची बनाई जाएगी। फोन नंबर गलत होने या फिर बंद होने की दशा में उनके पते पर संपर्क कर सही नंबर अपडेट किए जाने का काम किया जा रहा है। - राम अवध यादव, अधिशासी अभियंता, प्रशासन

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