उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में 17 मेधावियों को 23 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें आठ पदक छात्रों और 15 पदक छात्राओं को प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को अपने हाथों से मेडल प्रदान करते हुए बेटियों की अधिक हिस्सेदारी पर अपनी खुशी जाहिर की।
मुक्त विवि दीक्षांत समारोह : मेधावियों को मिले 23 स्वर्ण पदक, बंटीं 20 हजार उपाधियां
राज्यपाल के हाथों से मेडल पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। कुलाधिपति मेडल प्रतिज्ञा मिश्रा को दिया गया। प्रतिज्ञा को कुल चार मेडल मिले। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार किसी छात्रा को इतने मेडल मिले हैं।
विजेता प्रतिभागी एवं शिक्षक पुरस्कृत
राज्यपाल के निर्देश पर विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों में दीक्षांत सप्ताह के तहत दीक्षोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें खेलकूद की प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शमिल रहे। परंपरागत खेल प्रतियोगिता में आदित्य कुमार, काव्य लेखन में आशीष शर्मा, निबंध लेखन में सुरेंद्र यादव, चित्रकला में प्रांजली यादव, देशभक्ति गीत में प्रमोद कुमार द्विवेदी, लोक नृत्य में आंचल अग्रवाल एवं भाषण प्रतियोगिता में जगवीर सिंह चौधरी को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही राज्यपाल ने प्रो. ओम जी गुप्ता एवं प्रोफेसर जीएस शुक्ल को उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय केंद्र के रूप में चयनित प्रयागराज क्षेत्रीय केंद्र के समन्वयक डॉ. अभिषेक सिंह को सम्मानित किया।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को मिले उपहार
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज अंध विद्यालय के दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं एवं भारत स्काउट एं गाइड के स्वयंसेवक बच्चों को उपहार स्वरूप बैग वितरित किए। राज्यपाल के हाथों उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
तीन घंटे विलंब से शुरू हुआ समारोह
मुक्त विश्वविद्यालय का 17वां दीक्षांत समारोह सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू होना था, लेकिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तीन घंटे विलंब से पहुंचीं और समारोह अपराह्न दो बजे शुरू हो सका। राज्यपाल को लखनऊ से हेलीकॉप्टर से आना था। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर अपने निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सका। ऐसे में राज्यपाल को सड़क मार्ग से प्रयागराज के लिए रवाना होना पड़ा।
इन्हें मिले पदक
परास्नातक वर्ग में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक
मानविकी विद्याशाखा में इंद्रवासिनी, समाज विज्ञान विद्याशाखा में प्रतिज्ञा मिश्रा, प्रबंधन अध्ययन विद्याशाखा में रजत कुमार राय, शिक्षा विद्याशाखा में जितेंद्र कुमार यादव, विज्ञान विद्याशाखा में अमृता गुप्ता, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा में नेहा राठौर।
स्नातक वर्ग में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक
मानविकी विद्याशाखा में हरिकेश चौहान, समाज विज्ञान विद्याशाखा में संदीप कुमार, प्रबंधन अध्ययन विद्याशाखा में शुभम श्रीवास्तव, कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्याशाखा में शालिनी मिश्रा, शिक्षा विद्याशाखा मेें अंजली सिंह, विज्ञान विद्याशाखा विकास कुमार चौरसिया।
दानदाता स्वर्ण पदक
छात्रा अंजली राय, छात्रा प्रतिज्ञा मिश्र, अंजली सिंह, स्मिता दीक्षित, संदीप कुमार, सुधांशु गुप्ता, भव्या सिंह, रुचि यादव।
आईएएस बनना चाहती हैं प्रतिज्ञा
मुक्त विवि के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति सहित चार स्वर्ण पदक पाने वाली एमए भूगोल प्रतिज्ञा मिश्रा आईएएस बनना चाहती हैं। इसके लिए वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहीं हैं और दो बार इस परीक्षा में शामिल हो चुकी हैं। मूलत: कुशीनगर की रहने वाली प्रतिज्ञा के पिता विनोद कांत मिश्रा जिला कोऑपरेटिव बैंक देवरिया से मैनेजर के पद से रिटायर हो चुके हैं और मां कुसुम मिश्रा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शिक्षक हैं। प्रतिज्ञा ने हाईस्कूल एवं इंटर की पढ़ाई महर्षि अरविंद विद्या मंदिर, कसिया, कुशीनगर से की। स्नातक की पढ़ाई भास्काराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली से की। प्रतिज्ञा तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। उनकी दोनों बड़ी बहनें भी सरकारी सेवा में हैं। एक बहन शिक्षा विभाग और दूसरी बहन रक्षा मंत्रालय में तैनात हैं।