मनी लॉंड्रिंग : लाखों की टैक्स चोरी में मुंबई के कारोबारी की जौनपुर में 1.37 करोड़ की संपत्ति अटैच
जनवरी 2020 में ज्ञानपुर निवासी मनमोहन सिंह ने भदोही जनपद में अशोक कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि धोखाधड़ी करके आरोपी ने उसकी फर्म के नाम पर 200 करोड़ का व्यापार किया और इस संबंध में किसी भी तरह का टैक्स नहीं अदा किया।
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प्रवर्तन निदेशालय ने धोखाधड़ी कर लाखों की टैक्स चोरी के मामले में मुंबई के कारोबारी अशोक कुमार सिंह की 1.37 करोड़ की संपत्ति अटैच कर दी है। टीम ने उसकी जौनपुर स्थित संपत्तियों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच में जुटी टीम अब उसकी अन्य संपत्तियों के बारे में पता लगाने में जुटी है।
जनवरी 2020 में ज्ञानपुर निवासी मनमोहन सिंह ने भदोही जनपद में अशोक कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि धोखाधड़ी करके आरोपी ने उसकी फर्म के नाम पर 200 करोड़ का व्यापार किया और इस संबंध में किसी भी तरह का टैक्स नहीं अदा किया। इस धोखाधड़ी की जानकारी उसे तब हुई जब सेल्स टैक्स विभाग की ओर से उसे नोटिस दिया गया।
ईडी की टीम ने इसी मामले को आधार बनाकर अशोक कुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। साथ ही अवैध रूप से कमाए गए धन से अर्जित उसकी संपत्तियों के बारे में पता लगाने में जुटी थी। इसी दौरान पता चला कि आरोपी भले ही मुंबई में रहकर कारोबार करता हो, लेकिन उसने जौनपुर में संपत्ति एकत्र की है। इसी के बाद टीम ने इस संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई और फिर उसे अटैच कर दिया।
जाली नोट तस्कर गिरोह के खिलाफ पूरक चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जाली नोट तस्कर गिरोह सरगना आबिद अली, मंजय कुमार पटेल, शर्मा पासवान और विनोद मिश्रा पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसटीएफ ने 2010 में आबिद और डुमरियागंज एसबीआई के कैशियर सुधाकर त्रिपाठी को जाली नोटों संग गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि आबिद जाली नोटों को सुधाकर के जरिए बैंक की करंसी चेस्ट में खपाता था। सुधाकर के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि आबिद अली तक जाली नोटों की खेप पहुंचाने में मंजय पटेल, शर्मा और विनोद मिश्रा अहम भूमिका निभातेे थे। इसकेबाद ही उनके भी नाम मामले में शामिल किए गए और फिर सभी के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी गई।