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सरकारी अस्पतालों में खसरे का टीका नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2014 12:23 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में खसरे का टीका न होने से बच्चाें के लिए संकट खड़ा हो गया है। स्थिति ये है कि बेली, काल्विन और डफरिन जैसे सरकारी अस्पतालों से बच्चे बगैर टीकाकरण के लौटाए जा रहे हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिरक्षण डॉ. कैप्टन आशुतोष कुमार का कहना है कि वाराणसी ड्रग स्टोर से पचास हजार टीके मंगवाए गए हैं, जिन्हें शीघ्र ही अस्पतालों को मुहैया कराया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत बच्चों को खसरे की बीमारी से बचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में बच्चों का टीकाकरण किया जाता है, जिसके लिए समय-समय पर विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाया जाता है। इन दिनों बेली, काल्विन और डफरिन जैसे सरकारी अस्पतालों में खसरे के टीके का गंभीर संकट है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (प्रतिरक्षण) डॉ. कैप्टन आशुतोष कुमार ने भी माना कि अस्पतालों में टीके की कमी है। जिले में प्रतिमाह 16450 टीके की जरूरत है। इसी के मद्देनजर आगामी तीन माह के लिए पचास हजार टीके वाराणसी स्थित ड्रग स्टोर से मंगवाए गए हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत बच्चों को खसरे की बीमारी से बचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में बच्चों का टीकाकरण किया जाता है, जिसके लिए समय-समय पर विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाया जाता है। इन दिनों बेली, काल्विन और डफरिन जैसे सरकारी अस्पतालों में खसरे के टीके का गंभीर संकट है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (प्रतिरक्षण) डॉ. कैप्टन आशुतोष कुमार ने भी माना कि अस्पतालों में टीके की कमी है। जिले में प्रतिमाह 16450 टीके की जरूरत है। इसी के मद्देनजर आगामी तीन माह के लिए पचास हजार टीके वाराणसी स्थित ड्रग स्टोर से मंगवाए गए हैं।
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