कौशाम्बी : मृत प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से जारी कर दिया अंकपत्र, प्रबंधक को भेजा गया जेल
सरायअकिल कोतवाली के रसूलपुर सोनी निवासी रामसिंह ने पिछले दिनों इंदल मौर्य, प्रदीप मौर्य के खिलाफ मारपीट, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में खुद को फंसता देख इंदल ने डॉ. धीरेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय पहड़िया सुकवारा से अपनी बेटी अंजू की कक्षा पांच की फर्जी मार्कशीट बनवा ली, जिसमें बालिग को नाबालिग दर्शाया गया।
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मृत प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से छात्रा की फर्जी मार्कशीट जारी करवाने के आरोपी डॉ. धीरेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय पहड़िया सुकवारा के प्रबंधक की जमानत अपर जिला जज प्रथम राकेश कुमार ने निरस्त कर उन्हें जेल भेज दिया। आरोपी अंतरिम जमानत पर था।
सरायअकिल कोतवाली के रसूलपुर सोनी निवासी रामसिंह ने पिछले दिनों इंदल मौर्य, प्रदीप मौर्य के खिलाफ मारपीट, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में खुद को फंसता देख इंदल ने डॉ. धीरेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय पहड़िया सुकवारा से अपनी बेटी अंजू की कक्षा पांच की फर्जी मार्कशीट बनवा ली, जिसमें बालिग को नाबालिग दर्शाया गया।
फर्जी मार्कशीट के आधार इंदल ने विपक्षी रामसिंह के बेटे रिंकू के खिलाफ बेटी से दुष्कर्म व पॉस्को के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। विवेचना के दौरान पता चला कि मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि गलत है। घटना की तिथि को मंजू बालिग थी। इतना ही नहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य रत्नानकर सिंह के हस्ताक्षर से अंजू के प्रवेश के जो तिथि दिखाई गई, उस समय रत्नाकर सिंह की मौत हो चुकी थी।
पूरे मामले में प्रबंधक धीरेंद्र सिंह की साठगांठ पाई गई। इस पर पुलिस ने अंजू, उसके पिता इंदल और धीरेंद्र के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की। मामले में धीरेंद्र सिंह ने कोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त की। शुक्रवार को जमानत पर फाइनल बहस के बाद कोर्ट ने जमानत निरस्त कर दी। मामले में एडीजीसी अनिरुद्ध कुमार ने बहस की।