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शिक्षा विभाग के कई अफसरों की नौकरी जाना तय

Fri, 24 Nov 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 24 Nov 2017 12:57 AM IST
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Many officers of education department decide to get job
जाॉब बीएचयू - फोटो : thehindubusinessline
वाणिज्य कर समेत कई विभागों के बाद अब शिक्षा विभाग में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके और गंभीर मामलों में जांच के दायरे में आए कई अफसरों की नौकरी जानी तय है। इसमें परिषद के अफसरों के साथ कई डायट प्राचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। परिषद मुख्यालय से ऐसे 175 द्वितीय श्रेणी अफसरों की सूची शासन को करीब डेढ़ माह पहले ही भेजी गई थी। हालांकि इसमें से सात अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शेष अफसरों में से कई पर अनुशासहीनता, अनियमितता, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। शासन ने इन अफसरों की कई स्तरों पर जांच करा ली है। इनमें से कार्य में अक्षम एवं दोषी अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्त देने की तैयारी कर ली है। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना खत्म होने के बाद इस संबंध में आदेश जारी होने के आसार हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से 50 वर्ष की आयु के ऊपर के ऐसे अफसर जो तमाम आरोपों के घेरे में हैं तथा कार्य करने में अक्षम हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति की योजना बनाई गई। सरकार का फरमान जारी होने के बाद शिक्षा विभाग से भी ऐसे अफसरों की सूची मांगी गई। सितंबर के दूसरे सप्ताह में परिषद मुख्यालय से 175 अफसरों की सूची शासन को भेजी गई, जबकि प्रथम श्रेणी के अफसरों की सूची लखनऊ स्थित मुख्यालय से शासन को भेजी गई। परिषद मुख्यालय से भेजी गई सूची में 33 अफसर ऐसे हैं जिन पर कई आरोपों में जांच अभी चल रही है। इस बीच अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए शासन स्तर से भी इन अफसरों की जांच कराई गई।
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सूत्रों के मुताबिक  कुछ ऐसे अफसरों को भी सरकार ने चिह्नित किया है, जो पूर्व में अनियमितता में शामिल थे और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। नगर निकाय आचार संहिता लागू होने के पहले वाणिज्य कर समेत कई विभागों के अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्त देने के बाद से ही परिषद मुख्यालय में ऐसे दागी अफसरों को लेकर चर्चा का बाजार गरम है। हालांकि विभाग के उच्चाधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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