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मांडा मर्डर केस : मोबाइल ले गए कातिल, मौके पर मिला हत्यारे का गमछा
Fri, 23 Oct 2020 01:15 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 23 Oct 2020 01:15 AM IST
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क्राइम
बाइक रिपेयरिंग दुकान के बाहर सो रहे विजयराज बिंद की हत्या में जुटी पुलिस टीम को कई जानकारी मिली है। अब तक की जांच से साफ है कि हत्या लूट या चोरी की नीयत से नहीं की गई है। सिर्फ विजय राज का मोबाइल गायब है। बाकी दुकान में सभी चीजें सही सलामत थीं। साफ है कि विजय की हत्या का राज मोबाइल में छिपा है। इसलिए कातिल मोबाइल अपने साथ ले गए। रात में अंतिम बार जिससे बात हुई हो, हत्यारा या हत्या का कारण वही हो। मोबाइल कॉल का ब्योरा मिल गया है। उस पर काम हो रहा है।
विजय राज का शव चारपाई से करीब चार फिट दूर जमीन पर पड़ा था। शरीर पर सिर्फ गले में ही निशान था। बाकी जाहिरा तौर पर चोट के कोई नहीं थे। मौके पर ही लाल रंग का गमछा भी मिला है। घर वालों ने बताया कि गमछा विजय राज का नहीं था। साफ था कि कत्ल करने वाले ने ही वहां गमछा छोड़ा है। पुलिस ने गमछा कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम को सौंप दिया। घर वालों ने बताया कि उसका मोबाइल नहीं मिल रहा है तो दुकान तथा कमरों को चेक किया गया कि कहीं कुछ और सामान तो नहीं गायब है। मोबाइल को छोड़कर कुछ भी गायब नहीं था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या का मोबाइन कनेक्शन है। इसीलिए कातिल मोबाइल ले गया। पुलिस को एक बात और पता चली है कि हत्या रात एक बजे के बाद और तीन बजे से पहले की गई है। दरअसल विजय के चचेरे भाई श्रवण की पड़ोस में ही मिठाई की दुकान है। वह भी रात में दुकान पर रहता है। रात में एक बजे वह लघुशंका के लिए उठा था। उस समय तक विजय अपनी चारपाई पर सो रहा था। जबकि तड़के तीन बजे जब नौकर उठा तो उसने देखा कि विजय चारपाई के पास गिरा है। उसने श्रवण को बताया तो उसने टार्च से देखा तो अगल बगल खून था। इसके बाद परिवार वालों को जानकारी दी गई।
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विजय राज का शव चारपाई से करीब चार फिट दूर जमीन पर पड़ा था। शरीर पर सिर्फ गले में ही निशान था। बाकी जाहिरा तौर पर चोट के कोई नहीं थे। मौके पर ही लाल रंग का गमछा भी मिला है। घर वालों ने बताया कि गमछा विजय राज का नहीं था। साफ था कि कत्ल करने वाले ने ही वहां गमछा छोड़ा है। पुलिस ने गमछा कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम को सौंप दिया। घर वालों ने बताया कि उसका मोबाइल नहीं मिल रहा है तो दुकान तथा कमरों को चेक किया गया कि कहीं कुछ और सामान तो नहीं गायब है। मोबाइल को छोड़कर कुछ भी गायब नहीं था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या का मोबाइन कनेक्शन है। इसीलिए कातिल मोबाइल ले गया। पुलिस को एक बात और पता चली है कि हत्या रात एक बजे के बाद और तीन बजे से पहले की गई है। दरअसल विजय के चचेरे भाई श्रवण की पड़ोस में ही मिठाई की दुकान है। वह भी रात में दुकान पर रहता है। रात में एक बजे वह लघुशंका के लिए उठा था। उस समय तक विजय अपनी चारपाई पर सो रहा था। जबकि तड़के तीन बजे जब नौकर उठा तो उसने देखा कि विजय चारपाई के पास गिरा है। उसने श्रवण को बताया तो उसने टार्च से देखा तो अगल बगल खून था। इसके बाद परिवार वालों को जानकारी दी गई।
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