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ढोल मंजीरा बाजे ललिता मइया के दरबार में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 May 2016 01:46 AM IST
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ललिता देवी मंदिर में हुआ श्रृंगार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय पौराणिक बैसाख मेले के दूसरे दिन शनिवार को देवी के दर्शन पूजन को भीड़ उमड़ी। दूर-दूर से आए भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ देवी को निशान चढ़ाया। बिरहा मुकाबला बराबरी पर छूटा। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
सुबह मंगला आरती के बाद देवी का अभिषेक पूजन हुआ। सज्जाकार दिनेश की देखरेख में सुगंधित फूलों और जड़ाऊ गहने से देवी का मनोहारी शृंगार किया गया। महिलाओं की टोली ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। ढोल मंजीरा बाजे, ललिता मइया के दरबार में, दर्शन दे दो ललिता मैया, अखियां देखन को ललचाय पर भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
महाआरती के बाद बिरहा मुकाबला शुरू हुआ।
स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। मुंशीराम बहादुर और प्रीती भारती के बीच हुए मुकाबले में देवी महात्म्य, पांडवों ने महाभारत युद्ध जीतने के बाद क्यों बैसाख अष्टमी को देवी का दर्शन पूजन किया। लाक्षागृह से कैसे बचकर निकले आदि प्रश्न-उत्तर का सिलसिला रात भर चलता रहा। मुकाबला बराबरी पर छूटा। दोनों कलाकारों को समिति की ओर से पुरस्कृत किया गया।
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अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की अगुवाई में व्यवस्था में पी.सी. वर्मा, संजय उपाध्याय, महेंद्र मालवीय, उमेश मिश्रा, अनूप केशरवानी, सरदार सत्येंद्र सिंह, कौशल, दिलीप केशरी, अंशू आशीष आदि लगे रहे। महामंत्री धीरज नागर के अनुसार रविवार को भगवती जागरण होगा। कोमल सिंह और साथी त्रिपुर सुंदरी ललिता की महिमा का गुणगान भजनों द्वारा करेंगे।
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सुबह मंगला आरती के बाद देवी का अभिषेक पूजन हुआ। सज्जाकार दिनेश की देखरेख में सुगंधित फूलों और जड़ाऊ गहने से देवी का मनोहारी शृंगार किया गया। महिलाओं की टोली ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। ढोल मंजीरा बाजे, ललिता मइया के दरबार में, दर्शन दे दो ललिता मैया, अखियां देखन को ललचाय पर भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
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महाआरती के बाद बिरहा मुकाबला शुरू हुआ।
स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। मुंशीराम बहादुर और प्रीती भारती के बीच हुए मुकाबले में देवी महात्म्य, पांडवों ने महाभारत युद्ध जीतने के बाद क्यों बैसाख अष्टमी को देवी का दर्शन पूजन किया। लाक्षागृह से कैसे बचकर निकले आदि प्रश्न-उत्तर का सिलसिला रात भर चलता रहा। मुकाबला बराबरी पर छूटा। दोनों कलाकारों को समिति की ओर से पुरस्कृत किया गया।
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अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की अगुवाई में व्यवस्था में पी.सी. वर्मा, संजय उपाध्याय, महेंद्र मालवीय, उमेश मिश्रा, अनूप केशरवानी, सरदार सत्येंद्र सिंह, कौशल, दिलीप केशरी, अंशू आशीष आदि लगे रहे। महामंत्री धीरज नागर के अनुसार रविवार को भगवती जागरण होगा। कोमल सिंह और साथी त्रिपुर सुंदरी ललिता की महिमा का गुणगान भजनों द्वारा करेंगे।