Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के लिए 120.75 करोड़ की 30 परियोजनाओं को हरी झंडी, कार्यों को मिलेगी गति
सीएंडडीएस की ओर से शहर में 15 स्थानों पर सात करोड़ 51 लाख रुपये से थीमैटिक वेस्ट टू वंडर इंस्टॉलेशन होगा। इसमें डमरू व नटराज आदि की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन कलाकृतियों को कल्चर मार्बल के माध्यम से बनाया जाएगा।
विस्तार
केंद्र सरकार का आम बजट जारी होने के बाद प्रयागराज महाकुंभ के लिए शासन की शीर्ष समिति की बैठक में 120.75 करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। लखनऊ में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाकुंभ के लिए जरूरी परियाेजनाओं पर चर्चा करने के बाद शीर्ष समिति ने मंजूरी दे दी।
इसमें स्वास्थ्य विभाग की सर्वाधिक 19 परियोजनाएं रहीं। इन परियोजनाओं के लिए शासन ने 58.23 करोड़ रुपये जारी किए। शीर्ष समिति की बैठक में बजट जारी होने के बाद अब महाकुंभ से जुड़े शेष कार्य तेज गति से किए जा सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुंभ-2025 क्लीन और ग्रीन होना चाहिए।
मेला क्षेत्र में जो शौचालय स्थापित किए जाने हैं उसकी सफाई प्रतिदिन होनी चाहिए। इसके लिए थर्ड पार्टी से निरीक्षण भी कराया जाएगा। गंगा में दूषित जल प्रवाहित न हो इसके लिए शत प्रतिशत घरों को सीवर लाइन से जोड़ने की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर को नया रूप देने के लिए भित्ति चित्र, जंक्शन डिजाइन, सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना, बागवनी के माध्यम से सौंदर्यीकरण आदि कार्य करवाए जाएं।
कई परियोजनाओं की लागत को मिली स्वीकृति
बैठक में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की दो परियोजनाओं के लिए कुल 25.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इस राशि से कॉलेज का विस्तार किया जाएगा। पर्यटन विभाग के लिए 3.51 करोड़ की लागत से एक परियोजना, प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 7.89 करोड़ की एक योजना, उद्यान विभाग की तीन परियोजनाओं के लिए 7.5 करोड़, सीएंडडीएस की दो परियोजनाओं के लिए 12.49 करोड़, जल निगम की एक परियोजना के लिए 5.23 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली।
शासन ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशाम्बी जिलों में सीएचसी व पीएचसी के लिए 21.24 करोड़ रुपये जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग उपकरणों को रखने के लिए तेलियरगंज में एक वेयर हाउस भी बनाने जा रहा है। बैठक में डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, मेलाधिकारी विजय किरन आनंद आदि मौजूद रहे।
स्थापित की जाएंगी डमरू व नटराज की आकृतियां, 14.25 करोड़ से बनेंगे अस्थायी अस्पताल
सीएंडडीएस की ओर से शहर में 15 स्थानों पर सात करोड़ 51 लाख रुपये से थीमैटिक वेस्ट टू वंडर इंस्टॉलेशन होगा। इसमें डमरू व नटराज आदि की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन कलाकृतियों को कल्चर मार्बल के माध्यम से बनाया जाएगा। इसके साथ ही जार्जटाउन में मेला प्राधिकरण कार्यालय का उच्चीकरण भी होगा। वहीं, महाकुंभ के दौरान 14.25 करोड़ की लागत से अस्थायी अस्पतालों का निर्माण कराया जाएगा। इससे अस्थायी सेंट्रल हॉस्पिटल, 10 सेक्टर हॉस्पिटल और दो सब सेक्टर हॉस्पिटल का निर्माण मेला क्षेत्र में कराया जाएगा।
3.51 करोड़ की लागत से बनेंगे 55 प्रीमियम टेंट
महाकुंभ में सैलानियों के लिए पर्यटन विभाग परेड मैदान पर प्रीमियम टेंट बनवाएगा। 55 प्रीमियम टेंट के लिए शासन ने 3.51 करोड़ स्वीकृत किए हैं। वहीं, दूसरी ओर प्रयागराज विकास प्राधिकरण आईईआरटी पुलिया से लेकर गंगा तट तक सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण का काम करेगा। पीडीए यह काम 7.89 करोड़ रुपये की लागत से करेगा।
मेला क्षेत्र में बिछाई जाएगी डीआईके पाइप लाइन, शहर भर में लगेंगे गमले
महाकुंभ में श्रद्धालुओं को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए मेला क्षेत्र में डीआईके-7 पाइप लाइन बिछाई जाएगी। वहीं, शहर के तमाम स्थानों पर उद्यान विभाग गमले लगाएगा। शासन ने राजकीय पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए 4.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा उद्यान विभाग को 1.99 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इस राशि से मिट्टी व फाइबर के गमले लगाए जाएंगे।