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कल्पवासियों को राहत देने की योजना

Mon, 12 Jan 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 12 Jan 2015 11:54 PM IST
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magh mela
कल्पवासियों की सहूलियत के लिए प्रशासन महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। मेले में जमीन और सुविधाओं के लिए कल्पवासियों को जो रकम खर्च करनी पड़ती है, अगले साल मेले में उससे राहत मिल सकती है। हालांकि अभी प्रस्ताव भेजने की योजना भर बनाई गई है। अगर शासन ने इस मंजूर कर लिया तो कल्पवासियों के साथ तीर्थ पुरोहितों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि जमीन का लगान उन्हीं को भरना पड़ता है।
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माघ मेले के लिए प्रशासन को हर साल करोड़ों रुपये का बजट मिलता है। इस बजट से अफसरों और संस्थाओं के लग्जरी शिविर तैयार होते हैं लेकिन कल्पवासियों को सहूलियत के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिलती है। कल्पवासियों को शिविर तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से मिलते हैं और जमीन आवंटित करने के लिए तीर्थ पुरोहितों से प्रशासन लगान वसूलता है जबकि संस्थाओं को जमीन मुफ्त में मिलती है। तीर्थ पुरोहित जो लगान चुकाते हैं, उसकी भरपाई कल्पवासियों को करनी पड़ती है और जमीन के साथ सुविधाओं के लिए भी कल्पवासियों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है जबकि मेले की रौनक उन्हीं की वजह से है।
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 फिलहाल प्रशासन जमीन का लगान मुक्त करने की योजना बना रहा है। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी है। इस बारे में कमिश्नर बीके सिंह ने बताया कि लगान से महज तीन लाख रुपये की आय होती है और मेले पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। जमीन को लगान मुक्त किया जा सके और कल्पवासियों को मुफ्त सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें, इस पर विचार चल रहे है। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
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