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उमर की तलाश में अतीक के ठिकानों पर दबिश
Mon, 31 Dec 2018 01:54 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 31 Dec 2018 01:54 AM IST
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atiq ahmed
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रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल की तहरीर पर अतीक अहमद, उसके पुत्र उमर एवं दूसरे गुर्गों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार देर रात लखनऊ पुलिस ने खुल्दाबाद पुलिस के साथ मिलकर उमर की तलाश में अतीक के चकिया स्थित आवास पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां खलबली मच गई। काफी देर तक खटखटाने के बाद दरवाजा खुला। करीब आधे घंटे तक पुलिस वहां मौजूद रही और घर की तलाशी ली लेकिन, उमर नहीं मिला। उमर की तलाश में पुलिस ने अतीक के दूसरे ठिकानों पर भी दबिश दी मगर उसके न मिलने पर पुलिस बैंरग ही लौट गई। उधर, लखनऊ में एक्शन में आई क्राइम ब्रांच की टीम ने धड़ाधड़ धरपकड़ करते हुए गुलाम मुइनुद्दीन व इरफान को पकड़कर उसके पास से मोहित की लूटी एसयूवी भी बरामद कर ली।
रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल की तहरीर पर कृष्णानगर थाने में पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके बेटे उमर, गुर्गे फारूक, जकी अहमद, जफर उल्लाह, गुलाब सरवर आदि के खिलाफ लूट, गुंडा टैक्स वसूलने व अन्य संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि देवरिया जेल में बंद माफिया अतीक अहमद अपने बेटे व गुर्गों से मिलकर उसको डरा-धमकाकर 75 लाख रुपये वसूल चुका है। बाद में इंकार करने पर उसने मोहित को गुर्गों से अगवा कराया और जेल में बंधक बनाकर यातनाएं दीं।
पिटाई के साथ अंगुलियां तोड़ डाली और कंपनी अपने गुर्गों के नाम कराकर उसे घर के बाहर फेंकवा दिया। यह मामले सामने आने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक कारागार ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी। इसमें मोहित व अतीक के बीच कारोबारी रिश्ते व जेल में अक्सर मुलाकात की बात सामने आई है। संगठित अपराध का मामला सामने आने पर कृष्णानगर व सरोजनीनगर थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित हुई। क्राइम ब्रांच की टीम गठित करके धरपकड़ शुरू कराई गई।
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आलमबाग के विशेश्वरनगर निवासी मोहित जायसवाल का गोमतीनगर के विराट खंड में रियल एस्टेट कारोबार है। मोहित का कहना है कि पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद ने दो साल पहले अपने गुर्गों के जरिये उगाही के लिए उन्हें धमकाया था। रकम ऐंठने के बाद कुछ दिनों तक मामला शांत रहा। चार महीने से अतीक के गुर्गे फारूख और जकी अहमद फिर से रंगदारी मांगने लगे। उन्होंने 75 लाख रुपये ऐंठने के बाद मोहित के ऑफिस पर कब्जा जमाने के साथ कंपनी अपने नाम कराने को धमकाना शुरू किया। दोनों गुर्गे 26 दिसंबर को उसे डरा-धमकाकर देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले गए।
वहां अतीक, उसके बेटे उमर और गुर्गों ने बेतहाशा पीटा। अंगुलियों की हड्डियां तोड़ डालीं। इसके बाद मोहित से उसकी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्राग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड और एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारूख और जकी अहमद के नाम स्थानांतरित करने के दस्तावेज पर दस्तखत कराए। प्रताड़ना के चलते मोहित को कंपनी में साझीदार अपनी बहन आरती जायसवाल के भी दस्तखत बनाने पड़े। इसके बाद गुर्गों ने मोहित को अपनी गाड़ी से घर के बाहर ले जाकर छोड़ दिया। उसकी एसयूवी लूट ली गई। मोहित ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। इस पर प्राथमिकी दर्ज करके गुलाम मोइनुद्दीन और इरफान को गिरफ्तार किया गया।
देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद द्वारा 26 दिसंबर को रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को गुर्गों की मदद से जेल में यातनाएं देने और कंपनी अपने गुर्गों के नाम कराने का मामला सामने आने पर अपर पुलिस महानिदेशक कारागार चंद्र प्रकाश ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मोहित जायसवाल और अतीक अहमद के बीच कारोबारी रिश्ते सामने आए हैं। मोहित जायसवाल जेल में बंद अतीक से अक्सर मुलाकात करने जाता था। अतीक द्वारा जेल में मोहित को यातनाएं देने के सवाल पर अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मुलाकात की जांच कराई जा रही है। अतीक ने निर्धारित स्थान पर मोहित से मुलाकात की या फिर उसे बैरक में ले जाया गया। लापरवाही उजागर होने पर संबंधित जेलकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की टीम न्यायालय से इजाजत देवरिया जेल में पड़ताल करेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अतीक अहमद का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी।
जेल में बंद होने के बाद भी अतीक अहमद के गुर्गे खुलेआम लोगों को धमकाते हुए घूम रहे हैं। 14 दिसंबर को धूमनगंज थाने में राजू पाल हत्याकांड के अहम गवाह उमेश पाल ने जान से मार देने की धमकी देने के आरोप में अतीक, अशरफ समेत मो.तालिब उर्फ एसपी सिटी, फरहान, अकबर एवं उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उमेश का आरोप है कि अतीक का नाम लेकर तालिब ने उसे राजू पाल हत्याकांड में गवाही न देने के लिए धमकाया। उससे अतीक अहमद की फोन पर बात भी कराई गई। सभी ने उसे गवाही देने से मना करते हुए बात न मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। धूमनगंज इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक उमेश की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल की तहरीर पर कृष्णानगर थाने में पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके बेटे उमर, गुर्गे फारूक, जकी अहमद, जफर उल्लाह, गुलाब सरवर आदि के खिलाफ लूट, गुंडा टैक्स वसूलने व अन्य संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि देवरिया जेल में बंद माफिया अतीक अहमद अपने बेटे व गुर्गों से मिलकर उसको डरा-धमकाकर 75 लाख रुपये वसूल चुका है। बाद में इंकार करने पर उसने मोहित को गुर्गों से अगवा कराया और जेल में बंधक बनाकर यातनाएं दीं।
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पिटाई के साथ अंगुलियां तोड़ डाली और कंपनी अपने गुर्गों के नाम कराकर उसे घर के बाहर फेंकवा दिया। यह मामले सामने आने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक कारागार ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी। इसमें मोहित व अतीक के बीच कारोबारी रिश्ते व जेल में अक्सर मुलाकात की बात सामने आई है। संगठित अपराध का मामला सामने आने पर कृष्णानगर व सरोजनीनगर थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित हुई। क्राइम ब्रांच की टीम गठित करके धरपकड़ शुरू कराई गई।
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आलमबाग के विशेश्वरनगर निवासी मोहित जायसवाल का गोमतीनगर के विराट खंड में रियल एस्टेट कारोबार है। मोहित का कहना है कि पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद ने दो साल पहले अपने गुर्गों के जरिये उगाही के लिए उन्हें धमकाया था। रकम ऐंठने के बाद कुछ दिनों तक मामला शांत रहा। चार महीने से अतीक के गुर्गे फारूख और जकी अहमद फिर से रंगदारी मांगने लगे। उन्होंने 75 लाख रुपये ऐंठने के बाद मोहित के ऑफिस पर कब्जा जमाने के साथ कंपनी अपने नाम कराने को धमकाना शुरू किया। दोनों गुर्गे 26 दिसंबर को उसे डरा-धमकाकर देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले गए।
वहां अतीक, उसके बेटे उमर और गुर्गों ने बेतहाशा पीटा। अंगुलियों की हड्डियां तोड़ डालीं। इसके बाद मोहित से उसकी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्राग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड और एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारूख और जकी अहमद के नाम स्थानांतरित करने के दस्तावेज पर दस्तखत कराए। प्रताड़ना के चलते मोहित को कंपनी में साझीदार अपनी बहन आरती जायसवाल के भी दस्तखत बनाने पड़े। इसके बाद गुर्गों ने मोहित को अपनी गाड़ी से घर के बाहर ले जाकर छोड़ दिया। उसकी एसयूवी लूट ली गई। मोहित ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। इस पर प्राथमिकी दर्ज करके गुलाम मोइनुद्दीन और इरफान को गिरफ्तार किया गया।
देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद द्वारा 26 दिसंबर को रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को गुर्गों की मदद से जेल में यातनाएं देने और कंपनी अपने गुर्गों के नाम कराने का मामला सामने आने पर अपर पुलिस महानिदेशक कारागार चंद्र प्रकाश ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मोहित जायसवाल और अतीक अहमद के बीच कारोबारी रिश्ते सामने आए हैं। मोहित जायसवाल जेल में बंद अतीक से अक्सर मुलाकात करने जाता था। अतीक द्वारा जेल में मोहित को यातनाएं देने के सवाल पर अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मुलाकात की जांच कराई जा रही है। अतीक ने निर्धारित स्थान पर मोहित से मुलाकात की या फिर उसे बैरक में ले जाया गया। लापरवाही उजागर होने पर संबंधित जेलकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की टीम न्यायालय से इजाजत देवरिया जेल में पड़ताल करेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अतीक अहमद का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी।
जेल में बंद होने के बाद भी अतीक अहमद के गुर्गे खुलेआम लोगों को धमकाते हुए घूम रहे हैं। 14 दिसंबर को धूमनगंज थाने में राजू पाल हत्याकांड के अहम गवाह उमेश पाल ने जान से मार देने की धमकी देने के आरोप में अतीक, अशरफ समेत मो.तालिब उर्फ एसपी सिटी, फरहान, अकबर एवं उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उमेश का आरोप है कि अतीक का नाम लेकर तालिब ने उसे राजू पाल हत्याकांड में गवाही न देने के लिए धमकाया। उससे अतीक अहमद की फोन पर बात भी कराई गई। सभी ने उसे गवाही देने से मना करते हुए बात न मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। धूमनगंज इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक उमेश की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।