Lete Hanuman Mandir : कुंभ-माघ मेला के नाम पर भी सेना की हजारों वर्ग फीट पर जमीन पर कब्जा
प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से हाल में ही कराई गई पैमाइश में हनुमान मंदिर को आवंटित भूमि से तीन गुना से भी अधिक रकबे पर अवैध निर्माण और कब्जा पाया गया है। इसमें अवैध कब्जे वाली भूमि पर भवन, मंदिर के अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने के आश्रय तो बनाए ही गए हैं।
विस्तार
किले में स्थित आयुध भंडार से लगे प्रतिबंधित क्षेत्र में मेला प्राधिकरण की पैमाइश के अलावा भी सेना की हजारों वर्ग फीट भूमि कब्जा ली गई है। अवैध कब्जे वाला यह वो क्षेत्रफल है, जिसकी अभी तक पैमाइश नहीं की गई है। कुंभ और माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा दिलाने के नाम पर इस बड़े क्षेत्रफल की भूमि बैरिकेडिंग कर घेर ली गई है।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से हाल में ही कराई गई पैमाइश में हनुमान मंदिर को आवंटित भूमि से तीन गुना से भी अधिक रकबे पर अवैध निर्माण और कब्जा पाया गया है। इसमें अवैध कब्जे वाली भूमि पर भवन, मंदिर के अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने के आश्रय तो बनाए ही गए हैं, इसके अलावा फूलमाला, पूजा-प्रसाद की दुकानें और लड्डू बनाने का कारखाना भी शामिल है।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से कराई गई पैमाइश में गर्भगृह समेत लोहे की रेलिंग और शेड के भीतर वाले मंदिर प्रबंधन के कब्जे में कुल 20 हजार वर्ग फीट भूमि पाई गई है। इसमें मंदिर प्रबंधन के दावे के मुताबिक बड़े 4335 वर्ग फीट भूमि हनुमान मंदिर के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा 15,665 वर्ग फीट भूमि पर अन्य निर्माण और इंतजाम पाए गए हैं। लेकिन अवैध कब्जा यहीं तक सीमित नहीं है।
किले के पास से ही लगवाई जाती हैं कतारें
मेला प्राधिकरण की ओर से कराई गई पैमाइश के अलावा भी मंदिर परिसर से लेकर किला मार्ग तक इतनी ही भूमि कुंभ और माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर कब्जा कर ली गई है। इस एरिया को घेर लिया गया है। इस अतिक्रमण का विवरण अभी सेना की ओर से जुटाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंगलवार, शनिवार के अलावा विशेष अवसरों पर लगने वाली भीड़ के दौरान किला मार्ग के पास बैरिकेडिंग के पास से ही हनुमान मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए कतारें लगवाई जाती हैं।
दिवंगत महंत नरेंद्र गिरि इससे पहले रक्षा मंत्रालय और शासन के समक्ष इस पर सफाई दे चुके हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से अफसरों को बताया गया है कि आवंटित भूमि से अधिक रकबे पर जो भी निर्माण कार्य किए गए हैं, वह माघ मेले और कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही कराए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कराने की बात कही गई है।