Prayagraj : तीन दिन से बैग में चापड़ लेकर घूम रहा था लारैब, पैसों के विवाद के बाद ही कर ली थी हमले की योजना
जेल अस्पताल में आरोपी का इलाज लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। एक दिन पहले ही उसे जिला अस्पताल से यहां शिफ्ट किया गया था। डीसीपी अभिनव त्यागी का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया। स्वस्थ होते ही उसे जेल में दाखिल करा दिया जाएगा।
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बस में परिचालक पर जानलेवा हमला करने का आरोपी बीटेक छात्र लारैब हाशमी तीन दिन से बैग में चापड़ लेकर घूम रहा था। टिकट के पैसों को लेकर तीन रोज पहले हुए विवाद के बाद ही उसने हमले की योजना बना ली थी। हालांकि, उसे मौका नहीं मिला। रोज की तरह ही घटना वाले दिन भी वह बैग में चापड़ लेकर पहुंचा और मौका मिलने पर वारदात को अंजाम दे डाला।
उससे पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, बीटेक छात्र लारैब हाशमी निवासी हाजीगंज सोरांव ने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन से हमले की फिराक में था। परिचालक से विवाद होने के बाद ही उसने उसे सबक सिखाने की ठान ली थी। उस पर बदले का जुनून सवार हो गया था। इसके बाद वह तीन दिन तक बैग में चापड़ लेकर घूमता रहा।
उधर जेल अस्पताल में आरोपी का इलाज लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। एक दिन पहले ही उसे जिला अस्पताल से यहां शिफ्ट किया गया था। डीसीपी अभिनव त्यागी का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया। स्वस्थ होते ही उसे जेल में दाखिल करा दिया जाएगा।
पाक मौलाना से था प्रभावित, वीडियो में बोली थी उनकी ही तकरीर
बीटेक छात्र लारैब पाकिस्तान के एक मौलाना से प्रभावित था। वह यूट्यूब पर लगातार उनकी तकरीरें सुनता था। खास बात यह कि वारदात के बाद खुद से बनाए गए वीडियो में उसने जो तकरीर पढ़ी, वह भी उन्हीं मौलाना की थी। इस बात का खुलासा खुद आरोपी ने किया, जिससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
55 सेकंड का यह वीडियो तब का है जब आरोपी जिला अस्पताल में भर्ती था। वीडियो में कुछ लोग उससे सवाल पूछते हैं (जिनकी सिर्फ आवाज सुनाई पड़ती है) और वह उनका जवाब देते हुए सारी बातें बताता है। वह कहता है कि वह पाकिस्तान के एक मौलाना से प्रभावित है और उनकी ही तकरीर वीडियो में कही थी। वह यह भी आरोप लगाता है कि परिचालक ने गालीगलौज की और इस बात को लेकर ही वह बेहद गुस्से में था। धार्मिक नारों के बाबत उसने कहा कि यह परिचालक के लिए नहीं बल्कि गुस्ताखों के लिए था। राजनेताओं का नाम लेने के सवाल पर कहा कि वह गुस्ताखों को बचाते हैं इसलिए उनके प्रति उसके मन में नाराजगी थी।
94 फीसदी अंकों के साथ पास की 12वीं की परीक्षा
चार दिन पहले सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला बीटेक छात्र लारैब हाशमी मेधावी है। उसने 12वीं की परीक्षा 94 व 10वीं की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से पास की। फिलहाल आसपास के और उसे करीब से जानने वाले लोग भी हैरान हैं कि उसने ऐसा कैसे किया।
सोरांव के हाजीगंज निवासी लारैब तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का है। उसकी बड़ी बहन सना की शादी हो चुकी है जबकि छोटा भाई गुलाम अभी पढ़ाई कर रहा है। पिता यूसुफ पहले एक फैक्ट्री में काम करते थे और बाद में उन्होंने गांव में ही पोल्ट्री फार्म खोल लिया। परिवार को बेहद करीब से जानने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लारैब ने शांतिपुरम स्थित गुरुकुल मांटेसरी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की।
भदोही में हुआ था जन्म
उसका जन्म भदोही स्थित ननिहाल में हुआ था और वह बेहद होनहार है। परिवार साधारण है और उनका कभी किसी विवाद से नाता नहीं रहा। इस घटना से पहले लारैब का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। वह ज्यादा घूमता फिरता नहीं था और स्कूल के बाद पढ़ाई ही करता था। परिवार वाले चाहते थे कि वह इंजीनियर बने और इसी को लेकर उसका दाखिला इंजीनियरिंग में कराया। पढ़ने में अच्छा होने के चलते ही उसे कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। बताया कि लारैब ने यह घटना कैसे कर दी, इसे लेकर वह भी हैरान हैं। आसपास रहने वाले लोगों ने भी इसी तरह की बातें बताईं। कहा कि उसका मोहल्ले में भी कभी किसी से विवाद नहीं हुआ।
मां-बाप व भाई गायब, घर में सिर्फ बुजुर्ग दादी
उधर घटना के बाद से लारैब के मां-बाप व भाई गायब हैं। घर में उसकी बुजुर्ग दादी जिनातुन निशा ही हैं। उम्र ज्यादा होने के चलते वह ज्यादा कुछ बता भी नहीं पाईं।