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Kumbh 2019: आस्था के साथ अंधविश्वास का भी बोलबाला, कुंभ में लग रहा लोगों को चपत

Fri, 22 Feb 2019 06:49 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: shubham Updated Fri, 22 Feb 2019 06:49 PM IST
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Business of blind faith in kumbh mela prayagraj
kumbh 2019

भले ही कुंभ मेला क्षेत्र की रौनक धीरे-धीरे कम हो रही हो, मगर धर्म की आड़ में अंधविश्वास का कारोबार करने वालों की अब चांदी है। तमाम तरह की समस्या दूर करने का दावा करते हुए ताबीजें बांट रहे हैं। बदले में श्रद्धालुओं की जेब पर मोटी चपत लगा रहे हैं। लक्ष्मी को खुश करने, व्यापार में बाधा दूर करने, नौकरी लगने, घर का क्लेश मिटाने आदि इच्छाएं लिए लोग इनके चंगुल में आसानी से फंस जाते हैं। कुछ लोग तो असाध्य रोगों की दवा बेचकर कमाई करने में जुटे हैं।

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Business of blind faith in kumbh mela prayagraj
kumbh 2019

कुंभ क्षेत्र में रोड पटरी से लेकर शिविरों में लगी दुकानों में इन अंधविश्वासों के सामान आपको आसानी से मिल जाएंगे। परेड मार्ग पर घोड़े की नाल की अंगूठी बेचने वाला रामरति लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को अंगूठी के लिए लुभाता है। पूछने पर वह टेप रिकॉर्डर की आवाज सुनकर उसके साथ-साथ बोलते हुए इसके कारोबार में लाभ मिलेगा, नौकरी मिलने में आसानी होगी आदि तरह के कई फायदे गिना डालता है। रामरति को यह नहीं मालूम कि अंगूठी काले घोड़े की नाल की बनी है, पर लाभ पहुंचने की शत-प्रतिशत गारंटी उसके पास है। ऐसे ही संगम के पास दुकान लगाकर पत्थर और यंत्र बेचने वाले अयोध्या से सौरभ और इश्तियाक भी नाम पूछकर राशि के मुताबिक बताते हैं कि फलां नाम के पत्थर की अंगूठी धारण करने से लाभ मिलेगा

 

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Business of blind faith in kumbh mela prayagraj
kumbh 2019
बाबा जी बेच रहे तो ठीक ही होगा

सेक्टर 8 स्थित एक आध्यात्मिक शिविर में जयपुर से आईं सुषमा राठौर परिवार संग स्फटिक की माला की खरीदारी करती मिलीं। माला की कीमत 1200 रुपये है। स्फटिक की माला असली इसलिए है क्योंकि यह बाबा जी के शिविर में बिक रही है और इससे दरिद्रता दूर होती है। ऐसा वह बताती हैं। ऐसे ही कई शिविरों के अलावा रोड पटरी पर मूंगा, पुखराज, गोमेद पत्थर के साथ-साथ लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए यंत्र और यहां तक बच्चों को नजर से बचाने के लिए ताबीज भी मिल जाएंगे। 

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