कुंभ 2019: संसद की अनुकृति में ही बनी परमधर्मसंसद, तीन दिनी धर्मसंसद के तहत कुल 43 मुद्दे
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के परमधर्मसंसद शिविर की खासियत यह कि इसे संसद की अनुकृति में ही उसी प्रकार गोलाकार बनाया गया है। स्पीकर की तरह ही परमधर्माधीश के स्थान पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती विराजे। दीवारों से लगाकर गोलाकार कुर्सियां लगाई गईं जिन पर विभिन्न प्रतिनिधि और बीच में धर्मांसद बैठे। तीन दिनी धर्मसंसद के तहत कुल 43 मुद्दे शामिल होंगे।‘परमधर्मसंसद 1008’ में सभी संसदीय क्षेत्रों से 543 धर्मांसदों के अतिरिक्त सातों पुरियों, तेरह अखाड़ों, इक्यावन शक्तिपीठों, द्वादश ज्योतिर्लिंगों, षडदर्शन, चौदह विद्याओं के मनीषी आदि शामिल हुए।
इस दौरान दंड में लगाने के बजाय ब्रह्मचारी स्वयं खड़े होकर धर्मध्वजा लहराते रहे। बारी-बारी से ब्रह्मचारी धर्मध्वज लेकर पूरे समय तक डटे रहे। आमतौर पर अलग-अलग रूपों में गंगा दिखती है लेकिन यहां गोमुख से लेकर गंगासागर तक की गंगा के एकसाथ दर्शन हुए। संसद परिसर में गोमुख से लेकर गंगासागर तक की गंगा की संपूर्ण यात्रा को रेखांकित किया गया। अलग-अलग जगहों की गंगा एक साथ प्रदर्शित की गई। इसी तरह संसद की दीवार पर काशी के सभी घाटों का क्रमवार चित्र भी प्रदर्शित किया गया।
संसद में विदेशी प्रतिनिधि भी मौजूद
परमधर्मसंसद् में अर्जेंटीना के निदेशक हस्तिनापुर फाउंडेशन के गुस्तावो केन्जोब्रे, पुर्तगाल से साध्वी त्रिदेवी सुन्दरी, निकारागुआ से जोसे हरनन माल्टेज, होंडुरास से गोंजालो, स्पेन से आलवरो एंतेरिया और ब्राजील से गिलहेमी के अतिरिक्त वेटिकन सिटी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
परमधर्मसंसद को भेजा संदेश
फ्रांस के रिनाल्ड फेब्बारी नहीं आ सके तो उनका संदेश महाराष्ट्र से धर्माधीश ब्रह्मचारी निरंजनानन्द और वृंदावन से उमा शक्ति ट्रस्ट के स्वामी रामदेवानंद सरस्वती का संदेेश स्वामी सोमेश्वरानन्द ने ने पढ़कर सुनाया।
खास बातें:-
-परमधर्मसंसद 1008 मंगलवार को भी सुबह दस बजे से आरंभ होगी।
-ब्रह्मचारी ब्रह्म विद्यानन्द जी द्वारा संपादित ‘श्री शंकराचार्य सन्देश’ पत्रिका का
विमोचन
-स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद जी ने परमधर्मसंसद् के नए धर्मांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई ।
-राजनीतिज्ञों में भाजपा के गोपाल नारायण सिंह, कांग्रेस के यतीन्द्र चतुर्वेदी तथा समाजवादी पार्टी से कुंवर रेवती रमण मौजूद रहे।
-बीते दिनों नहीं रहे धर्मांसद ब्रह्मचारी राम स्वरूप को गीता श्लोक के वाचन से सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी । पांच मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गयी।