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Prayagraj News: पौधरोपण में गड़बड़ी, सत्यापन में दो स्थानों पर पौधे ही नहीं मिले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 02:45 AM IST
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Irregularities in plantation, plants were not found at two places during verification
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा शहर के दस प्रमुख मार्गों पर कराए गए पौधरोपण में गड़बड़ियां सामने आई हैं। 27.50 करोड़ की लागत से दस मार्गों पर पौधे लगाए लगाए गए थे। इसके लिए ठेकेदारों को 11 करोड़ का भुगतान हो चुका है। शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त गठित जांच टीम ने दो स्थानों के भौतिक सत्यापन में कई खामियां पाई हैं।
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पीडीए ने बक्शी बांध से बालसन चौराहे तक 4.27 करोड़ से, फाफामऊ पुल के समानांतर स्लोप पर खेल मैदान से मलाका फ्लाईओवर तक 4.35 करोड़ से, लीडर रोड, शास्त्री ब्रिज से अलोपीबाग फ्लाईओवर तक 4.42 करोड़ से, सूबेदारगंज से बमरौली तक 1.50 करोड़ रुपये से कार्य कराया था।
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इसके अलावा महाराणा प्रताप चौराहे से हनुमान मंदिर तक 4.54 करोड़ से, एमएनएनआईटी चौराहे से स्टेनली रोड तक 2.20 करोड़ से, सोहबतियाबाग फ्लाईओवर और शास्त्री ब्रिज से अंदावा तक 3.25 करोड़ से औद्योगिक व सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया था।
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इसमें रेलिंग निर्माण, मिट्टी भरान और अलग-अलग प्रजातियों के पौधों का रोपण शामिल रहा। इसके साथ ही नैनी रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर पर 3.35 करोड़ से और मेडिकल चौराहे से रामबाग फ्लाईओवर तक दो करोड़ से ग्रीन बेल्ट विकसित की गई थी।



ठेकेदारों की सफाई... पौधे सूख गए या लोगों ने उखाड़ लिए

मंडलायुक्त ने भुगतान से पहले एसडीएम सदर अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर भौतिक सत्यापन करने का आदेश दिया था। प्रारंभिक जांच में दो स्थानों पर पौधे ही नहीं मिले। इससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। उधर, ठेकेदारों का कहना है कि कार्य पूरा हो चुका है। सात माह बीतने की वजह से कई पौधे सूख गए या लोगों ने उखाड़ लिए। महाकुंभ के बाद पांच बार जांच हो चुकी है फिर भी भुगतान नहीं किया गया है।


औद्योगिक विकास और ग्रीन बेल्ट के दस कार्यों का भौतिक सत्यापन जिला उद्यान अधिकारी और पीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता के साथ किया जा रहा है। अब तक दो स्थानों की जांच में बड़े पैमाने पर खामियां मिली हैं। सभी स्थलों का सत्यापन पूरा होने के बाद रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी। - अभिषेक सिंह, एसडीएम सदर
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