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पति के साथ संगम पहुंचीं अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, नौकायन कराने वाली टीम के साथ ली सेल्फी
Sat, 24 Jul 2021 11:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:48 PM IST
सार
ओलंपिक पदक विजेता और बैडमिंटन के खेल में देश नाम पूरे विश्व में रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शनिवार को संगम नगरी पहुंचीं।
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prayagraj news : संगम पहुंचीं अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
ओलंपिक पदक विजेता और बैडमिंटन के खेल में देश नाम पूरे विश्व में रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शनिवार को संगम नगरी पहुंचीं। उन्होंने अपने पति के साथ त्रिवेणी संगम की सविधि मंत्रोच्चार के साथ पूजा की। इसके बाद उन्होंने नौका विहार के साथ ही अक्षयवट और मनकामेश्वर मंदिर का बाहर से दर्शन भी किया।
बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शनिवार की सुबह करीब 10 बजे अपने पति पारुपल्ली कश्यप के साथ कार से संगम पहुंचीं। वहां उन्होंने सबसे पहले गंगा जल स आचमन किया। इसके बाद गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती की पावन धारा के तट पर पूजा की।
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बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शनिवार की सुबह करीब 10 बजे अपने पति पारुपल्ली कश्यप के साथ कार से संगम पहुंचीं। वहां उन्होंने सबसे पहले गंगा जल स आचमन किया। इसके बाद गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती की पावन धारा के तट पर पूजा की।
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prayagraj news : संगम पहंचीं अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने नौका विहार भी किया।
- फोटो : prayagraj
उन्होंने अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए मां गंगा को नारियल चुनरी चढ़ाई। तीर्थपुरोहित भोलानाथ तिवारी के आचार्यत्व में साइना नेहवाल ने गंगा पूजा के बाद आरती उतारी। इसके बाद वह गगन निषाद की नाव से नौका विहार के लिए निकल पड़ीं।
पति के साथ उन्होंने संगम की मध्य धारा के बाद किला घाट से आगे यमुना की जलधारा से ही अक्षयवट को निहारा और ज्ञान की जड़ों के आगे कुछ देर रुककर प्रार्थना की। फिर वह नाव से ही यमुना के सरस्वती घाट पहुंचीं। वहां उन्होंने मनकामेश्वर महादेव का दूर से ही दर्शन किया। फिर वह वापस संगम आईं। इस दौरान उन्होंने नौकायन कराने वाली टीम के साथ सेल्फी भी ली। साथ ही कई यादगार तस्वीरें खिंचवाई। करीब घंटे भर तक वह संगम पर रहीं। इसके बाद अपने पति के साथ निकल गईं।
पति के साथ उन्होंने संगम की मध्य धारा के बाद किला घाट से आगे यमुना की जलधारा से ही अक्षयवट को निहारा और ज्ञान की जड़ों के आगे कुछ देर रुककर प्रार्थना की। फिर वह नाव से ही यमुना के सरस्वती घाट पहुंचीं। वहां उन्होंने मनकामेश्वर महादेव का दूर से ही दर्शन किया। फिर वह वापस संगम आईं। इस दौरान उन्होंने नौकायन कराने वाली टीम के साथ सेल्फी भी ली। साथ ही कई यादगार तस्वीरें खिंचवाई। करीब घंटे भर तक वह संगम पर रहीं। इसके बाद अपने पति के साथ निकल गईं।