हाईकोर्ट : अतिक्रमण हटाने में नाकाम अधिकारियों को दंडित कराने आए याची के अतिक्रमण की जांच का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश का पालन न करने पर अधिकारियों को दंडित कराने आए याची के ही अतिक्रमण की जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि भू-माफिया कानून का नाजायज फायदा उठाया जा रहा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश का पालन न करने पर अधिकारियों को दंडित कराने आए याची के ही अतिक्रमण की जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि भू-माफिया कानून का नाजायज फायदा उठाया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने एसडीएम सोरांव, प्रयागराज को निर्देश दिया है कि गोहरी गांव निवासी महेंद्र कुमार भारतीय की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट पेश करें। पता लगाएं कि याची ने जमीन का अतिक्रमण तो नहीं किया है। यदि जांच में याची का अतिक्रमण पाया जाए तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर राजस्व अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करें।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहा कि राजस्व संहिता की धारा 67 गांव के शक्तिशाली लोगों का औजार बन गई है। इसका इस्तेमाल भू-माफिया गरीब, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों, गांव वालों को परेशान करने के लिए कर रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की मांग को लेकर जनहित याचिकाओं की बाढ़ सी आ गई है। धारा 67 की कार्यवाही पूरी करने का आदेश देकर पालन न होने पर अधिकारियों को दंडित कराने को अवमानना याचिका दाखिल करते हैं। अपनी खाल बचाने के लिए अधिकारी ध्वस्तीकरण भी कर रहे हैं।
मामले में याची ने अतिक्रमण हटाने की मांग में याचिका दायर की। कोर्ट ने धारा 67 की कार्यवाही पूरी करने का आदेश दिया। पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दायर कर डीएम व एसडीएम को दंडित करने की मांग की। कोर्ट ने गोहरी गांव के दो प्लाटों 2489, 2491 का अतिक्रमण करने के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था।
एसडीएम ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि जांच की गई। एक प्लॉट तालाब है, जिसमें मत्स्य पालन ठेका दिया गया है। दूसरा प्लाट गांव के कुछ लोगों की भूमिधरी जमीन है। किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं हुआ है। इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने दूसरे का अतिक्रमण हटाने आए याची के अतिक्रमण की जांच का आदेश देते हुए कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।