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तख्त उजाड़ने के विरोध में पुरोहितों के साथ आए सामाजिक संगठन
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Indian army action in magh mela region
- फोटो : CITY DESK
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संगम क्षेत्र मठ-मंदिर बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन तेज करने का एलान
प्रयागराज। संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने के लिए तीर्थपुरोहितों व धर्माचार्यों ने मुहिम छेड़ दी है। शुक्रवार को शंकराचार्य निकेतन ब्रम्हचर्य आश्रम में त्रिवेणी मठ- मंदिर बचाओ समिति की बैठक में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। सेना की ओर से तीर्थ पुरोहितों के तख्त उजाड़ने के मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया। इस आंदोलन को र्कई सामाजिक-आध्यात्मिक संस्थाओं ने समर्थन भी दिया।
त्रिवेणी बांध स्थित शंकराचार्य निकेतन में सामाजिक -धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने की एक स्वर से आवाज उठाई। मातृ स्नेह फाउंडेशन के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, नैतिक विकास शोध संस्थान के अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय, गोपाल गऊ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके सिंह ने तीर्थ पुरोहितों के संघर्ष को पूरा सहयोग देने का वादा किया। मठ-मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष फूलचंद्र दुबे व व तीर्थपुरोहित सभा के राजेंद्र पालीवाल ने संयुक्त रूप आंदोलन को तेज करने का एलान किया। कहा कि इस घटना के बाद प्रयागराज के नागरिकों का धैर्य जवाब देने लगा है।
इस दौरान सामाजिक संगठनों ने पदाधिकारियों और तीर्थपुरोहितों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र की पहल को भी सराहा। परिषद के अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर तीर्थपुरोहितों का साथ देने का एलान किया है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के डॉ वीके सिंह, स्वामी विश्वेश्वरा नंद सरस्वती, स्वामी ओमानंद सरस्वती, स्वामी रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, स्वामी बृज भूषण दास, स्वामी घनश्याम दास, महंत राधा माधव दास, स्वामी रामदास, महंत राम तीरथ दास, अजय पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अनुज तिवारी, दिनकर पांडेय, वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष पालीवाल, गौरव पांडेय सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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प्रयागराज। संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने के लिए तीर्थपुरोहितों व धर्माचार्यों ने मुहिम छेड़ दी है। शुक्रवार को शंकराचार्य निकेतन ब्रम्हचर्य आश्रम में त्रिवेणी मठ- मंदिर बचाओ समिति की बैठक में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। सेना की ओर से तीर्थ पुरोहितों के तख्त उजाड़ने के मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया। इस आंदोलन को र्कई सामाजिक-आध्यात्मिक संस्थाओं ने समर्थन भी दिया।
त्रिवेणी बांध स्थित शंकराचार्य निकेतन में सामाजिक -धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने की एक स्वर से आवाज उठाई। मातृ स्नेह फाउंडेशन के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, नैतिक विकास शोध संस्थान के अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय, गोपाल गऊ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके सिंह ने तीर्थ पुरोहितों के संघर्ष को पूरा सहयोग देने का वादा किया। मठ-मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष फूलचंद्र दुबे व व तीर्थपुरोहित सभा के राजेंद्र पालीवाल ने संयुक्त रूप आंदोलन को तेज करने का एलान किया। कहा कि इस घटना के बाद प्रयागराज के नागरिकों का धैर्य जवाब देने लगा है।
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इस दौरान सामाजिक संगठनों ने पदाधिकारियों और तीर्थपुरोहितों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र की पहल को भी सराहा। परिषद के अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर तीर्थपुरोहितों का साथ देने का एलान किया है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के डॉ वीके सिंह, स्वामी विश्वेश्वरा नंद सरस्वती, स्वामी ओमानंद सरस्वती, स्वामी रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, स्वामी बृज भूषण दास, स्वामी घनश्याम दास, महंत राधा माधव दास, स्वामी रामदास, महंत राम तीरथ दास, अजय पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अनुज तिवारी, दिनकर पांडेय, वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष पालीवाल, गौरव पांडेय सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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