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डिग्री स्तर पर नए कोर्स शुरू करने की बढ़ी मांग

Tue, 25 Jun 2019 08:24 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 08:24 PM IST
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Increased demands for starting new courses at degree level
डिग्री स्तर पर नए कोर्स शुरू करने की बढ़ी मांग
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सीबीएसई की ओर से शुरू किए गए नए कोर्स में डिग्री स्तर पर प्रवेश का विकल्प नहीं होने से बढ़ी मुश्किल
अभिभावकों, छात्रों एवं प्रधानाचार्यों की मांग यूजीसी सीबीएसई के नए कोर्स को डिग्री स्तर पर शुरू करे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सीबीएसई की ओर से शुरू किए गए कुछ नए कोर्स को डिग्री स्तर पर शुरू करने के लिए छात्रों, अभिभावकों एवं सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने मांग उठाई है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि डिग्री स्तर पर कोर्स उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्यारहवीं-बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी इन विषयों का चुनाव नहीं करते हैं। सीबीएसई ने 2012-13 में लीगल स्टडीज, फाइनेंसियल मैनेजमेंट, थियेटर स्टडीज, हेरीटेज क्राफ्ट, बायोटेक्नोलॉजी, ह्यूमन राइट एंड जेंडर स्टडीज, नॉलेज ट्रेडीशन एंड प्रैक्टिस ऑफ इंडिया जैसे दर्जन भर से अधिक कोर्स शुरू किए थे। सीबीएसई ने पिछले वर्षों में इन विषयों के प्रति छात्रों एवं अभिभावकों की ओर से उदासीनता दिखाए जाने के बाद यूजीसी से सलाह मांगी थी। इसी के तहत यूजीसी ने भी पूर्व में नए कोर्स की सफलता के लिए कुलपतियों से सहयोग मांगा था। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई।
सीबीएसई ने छात्रों को वर्तमान दौर की जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रम से जोड़ने के लिए 2012-13 शैक्षिक सत्र के दौरान इलेक्टिव फंक्शनल सब्जेक्ट्स के तौर पर सेकेंडरी लेवल पर लागू किया गया था। नए पाठ्यक्रमों के लागू किए जाने के बाद भी इलेक्टिव सब्जेक्ट्स के तौर पर आज भी छात्रों की पसंद कंप्यूटर साइंस, आईपी, फिजिकल एजुकेशन ही रहे। छात्रों ने नए विषयों का चुनाव इलेक्टिव सब्जेक्ट्स के तौर पर नहीं किया। भले ही सेकेंडरी लेवल पर विद्यार्थी इन विषयों को पढ़ने में आगे नहीं आ रहे हैं फिर भी सीबीएसई ने डिग्री स्तर पर भी पढ़ाए जाने वाले कोर्स को अंतिम रूप दे दिया है।
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सीबीएसई की ओर से लागू नए कोर्स
0 नॉलेज ट्रेडीशन एंड प्रैक्टिस ऑफ इंडिया, लीगल स्टडीज, ह्यूमन राइट एंड जेंडर स्टडीज, थियेटर स्टडीज, एनसीसी, हेरीटेज क्राफ्ट, ग्राफिक डिजाइन, क्रियेटिव राइटिंग एंड ट्रांसलेशन स्टडीज, फंक्शनल इंग्लिश, इंटरप्रेन्योरशिप बायोटेकभनालाजी, फैशन स्टडीज एवं मास मीडिया स्टडीज जैसे दर्जन भर से अधिक कोर्स शुरू किए थे। लीगल स्टडीज, ह्यूमन राइट, थियेटर स्टडीज तथा एनसीसी जैसे विषयों में छात्रों की विशेष रुचि के बाद भी डिग्री स्तर पर इसकी पढ़ाई की व्यवस्था नहीं होने से अभिभावक असमंजस में हैं।
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स्कूलों में फैकल्टी एवं वर्कशाप का अभाव
0 सीबीएसई की ओर से नए पाठ्यक्रम शुरू तो कर दिए गए परंतु स्कूलों में अभी तक योग्य फैकल्टी नहीं रखे जा सके हैं। अच्छे शिक्षकों के अभाव में भी अभिभावक इन पाठ्यक्रमों में अपने बच्चों को प्रवेश नहीं दिला रहे हैं। सीबीएसई स्कूलों में नए विषयों के योग्य शिक्षक नहीं होने से अभिभावकों ने बच्चों को इसमें प्रवेश दिलाने से परहेज किया है।

वर्जन
सीबीएसई की ओर से स्कूली स्तर पर कोर्स शुरू करने के बाद भी विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में अपनी रुचि नहीं दिखा रहे हैं, ऐसा डिग्री स्तर पर इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश का कोई विकल्प नहीं होने से हो रहा है। यूजीसी को चाहिए कि वह विवि स्तर पर इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की पहल करे, जिससे यह इन पाठ्यक्रमों की उपयोगिता सिद्ध हो सके।
अल्पना डे, प्रधानाचार्या, गंगागुरुकुलम
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