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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   In the pages of the past: Prince Mirza Jahangir imprisoned in Khusrobagh, Allahabad for 11 years

अतीत के पन्नों में : 11 साल इलाहाबाद के खुसरोबाग में कैद रहा मुगल शहजादा जहांगीर

Sat, 28 Aug 2021 06:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 Aug 2021 06:31 PM IST
सार

शहजादा मिर्जा मोहम्मद जहांगीर बख्त बहादुर जो मुगल सल्तनत के अंतिम से पूर्व शासक अकबर द्वितीय का बेटा था, खुसरोबाग में 11 साल तक ईस्ट इंडिया कंपनी की कैद रहा। इसे कंपनी के एक अफसर को अपमानित करने और उसकी हत्या के प्रयास में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। 

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In the pages of the past: Prince Mirza Jahangir imprisoned in Khusrobagh, Allahabad for 11 years
Prayagraj News : खुसरो बाग। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

मुगल शासन के दौरान प्रयागराज के महत्व को लेकर फिलहाल तीन  घटनाओं का ही  उल्लेख चर्चित ंहै। एक, किला जिसे बादशाह अकबर ने बनवाया था। दूसरा, खुसरोबाग जहां बादशाह जहांगीर के बड़े बेटे मिर्जा खुसरो, उसकी मां मनभावती बाई (आम्बेर राजा भगवंत दास की बेटी) और उसकी बहन निथार बेगम दफन है। हालांकि कुछ इतिहासकार बताते हैं कि निथार बेगम का मकबरा यहां जरूर बन गया था लेकिन उसे आगरा में बादशाह अकबर की कब्र के पास  दफनाया गया था।

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तीसरा, किले में 6 अगस्त 1765 को हुई इलाहाबाद संधि, जो बादशाह शाह आलम द्वितीय और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच हुई थी। कंपनी की ओर से राबर्ट क्लाइव ने दस्तखत किए थे। इसमें देश के एक बड़े हिस्से में टैक्स वसूलने से लेकर शासन करने का अधिकार बादशाह से छीनकर  कंपनी ने अपने हाथ ले लिया था।

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In the pages of the past: Prince Mirza Jahangir imprisoned in Khusrobagh, Allahabad for 11 years
Prayagraj News : शहजादा मिर्जा जहांगीर। - फोटो : प्रयागराज

बहरहाल, एक चौथी घटना भी इतिहास में अंकित है, लेकिन इसके बारे में दस्तावेजों पर बहुत कम उल्लेख मिलता है। शहजादा मिर्जा मोहम्मद जहांगीर बख्त बहादुर जो मुगल सल्तनत के अंतिम से पूर्व शासक अकबर द्वितीय का बेटा था, खुसरोबाग में 11 साल तक ईस्ट इंडिया कंपनी की कैद रहा। इसे कंपनी के एक अफसर को अपमानित करने और उसकी हत्या के प्रयास में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। अकबर शाह द्वितीय के बाद उसका बड़ा बेटा सिराजुद्दीन जफर यानी बहादुर शाहर जफर गद्दी पर बैठा और उसके बाद से मुगल सल्तनत का अंत हो गया।

In the pages of the past: Prince Mirza Jahangir imprisoned in Khusrobagh, Allahabad for 11 years
Prayagraj News : मुगल बादशाह अकबर। - फोटो : प्रयागराज
ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुगल सल्तनत पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए लाल किले में अपना रेजीडेंट नियुक्त कर दिया था। कोई भी आदेश बिना उसकी अनुमति के जारी नहीं होता था। 1808-1837 तक दिल्ली में अकबर शाह द्वितीय का शासन था। शुरुआत के कुछ सालों तक आर्कीबाल्ट सेटन लाल किले का रेजीडेंट था। अकबर शाह अपने बड़े बेटे सिराजुद्दीन के कामकाज से संतुष्ट नहीं था, कारण यह कि  शासन केमामले में उसकी दिलचस्पी नहीं थी।  रेजाीडेंट चाहता था कि अकबर सिराजुद्दीन को अपना उत्तराधिकारी घोषित करे जबकि बादशाह मिर्जा जहांगीर के पक्ष में था। जहांगीर की मां बेगम मुमताज महल भी यही चाहती थी। 
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