अधिवक्ता समागम में मुख्यमंत्री से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद लगाए अधिवक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता हित में किए गए तमाम कामों का हवाला दिया।
प्रयागराज में सीएम योगी ने अधिवक्ताओं को दी नसीहत, बोले - गन प्वाइंट पर नहीं करेंगे कोई काम
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मुख्यमंत्री ने डिजिटल लाइब्रेरी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि यह अच्छी योजना है। इस पर तत्काल अमल होना चाहिए। सरकार इसके लिए सभी सहायता देगी। इससे पूर्व बार कौंसिल के अध्यक्ष जानकीशरण पांडेय और हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी में भी हीन भावना नहीं होनी चाहिए। यदि प्रदेश के साढ़े तीन लाख अधिवक्ता हताश हो जाएंगे तो आम गरीब जनता का क्या हाल होगा। अधिवक्ता समाज का नेतृत्व करता है। लोग उसके पास अपनी पीड़ा रखने बड़े विश्वास के साथ आते हैं। हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। टीम वर्क की तरह काम करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है। चाहे वह जनधन खाता खुलवाने का काम हो या गरीबों को आवास देने का हमने बिना भेदभाव काम किया है।
न्यायपालिका और अधिवक्ताओं से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी झलवा में प्रस्तावित है। न्यायालयों की अवस्थापना और सुविधाओं के मद में आवासीय योजनाओं को 150 करोड़ और अनावसीय मद में 400 करोड़ रुपये दिए हैं। न्यायालय भवनों के लिए 600 करोड़ और 1000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।