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एक माह में आठ गुना कोरोना के मरीज बढ़े
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in one month the patients of corona increased 8 times
- फोटो : CITY DESK
लॉकडाउन और अनलॉक-1 के बीच जिस तरह देश में कोरोना के मरीजों के आंकड़े बढ़े हैं, उससे जिला भी अछूता नहीं रहा है। यहां एक महीने में संक्रमितों की संख्या आठ गुना से अधिक बढ़ गई। पांच मई को जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 15 थी, लेकिन छह जून को यह आंकड़ा बढ़कर 128 से अधिक पहुंच गया। बीते पांच दिनों में ही 33 पॉजिटिव नए मामले सामने आए हैं। हालांकि, मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही उनके ठीक होने की दर भी बढ़ी है। सात जून तक 77 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं, जबकि मरने वालों का अनुपात 3.7 फीसदी का है।
जिले में कोरोना का पहला संक्रमित केस पांच अप्रैल को सामने आया था। इंडोनेशियाई नागरिक में कोरोना के संक्रमण मिले थे। उसके बाद 24 अप्रैल को तीन केस सामने आए। इसमें एक मरीज तेलियरगंज के शंकरघाट का युवक था, जबकि बाकी दो युवक कोरांव के थे, दोनों मुंबई से आए थे। इसके बाद 30 अप्रैल को कौंधियारा का एक युवक पॉजिटिव पाया गया, जो नासिक से लौटा था। एक मई को ही चार नए मामले सामने आए। इसमें लूकरगंज के रहने वाले इंजीनियर भी शामिल थे। दो मई को उनकी पत्नी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद पांच मई को पांच मामले और पॉजिटिव आ गए। इसमें इंजीनियर की मां, भाई और भाई की पत्नी सहित दो ग्रामीण इलाकों के व्यक्ति थे। इस तरह पांच मई तक जिले में कुल 15 कोरोना के मामले सामने आ चुके थे।
22 मई को संख्या 61 थी और उस समय 28 लोग कोरोना के संक्रमण से मुक्त होकर घर चले गए थे। जबकि मरने वालों की संख्या तीन हो गई थी। इंजीनियर की मौत पांच मई को हुई थी। उसके बाद हंडिया के राका गांव और बारा के लालापुर के पंडुआ गांव में एक-एक युवक की मौत हुई। 31 मई को संक्रमितों की संख्या 90 थी और 57 लोग ठीक होकर घर जा चुके थे। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि जो ट्रेंड नजर आ रहा है, उससे यही लग रहा है कि संक्रमित होने वालों का आंकड़ा और बढ़ेगा। अब तो कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमण के सामुदायिक प्रसार का खतरा पैदा हो गया है।
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जिले में कोरोना का पहला संक्रमित केस पांच अप्रैल को सामने आया था। इंडोनेशियाई नागरिक में कोरोना के संक्रमण मिले थे। उसके बाद 24 अप्रैल को तीन केस सामने आए। इसमें एक मरीज तेलियरगंज के शंकरघाट का युवक था, जबकि बाकी दो युवक कोरांव के थे, दोनों मुंबई से आए थे। इसके बाद 30 अप्रैल को कौंधियारा का एक युवक पॉजिटिव पाया गया, जो नासिक से लौटा था। एक मई को ही चार नए मामले सामने आए। इसमें लूकरगंज के रहने वाले इंजीनियर भी शामिल थे। दो मई को उनकी पत्नी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद पांच मई को पांच मामले और पॉजिटिव आ गए। इसमें इंजीनियर की मां, भाई और भाई की पत्नी सहित दो ग्रामीण इलाकों के व्यक्ति थे। इस तरह पांच मई तक जिले में कुल 15 कोरोना के मामले सामने आ चुके थे।
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22 मई को संख्या 61 थी और उस समय 28 लोग कोरोना के संक्रमण से मुक्त होकर घर चले गए थे। जबकि मरने वालों की संख्या तीन हो गई थी। इंजीनियर की मौत पांच मई को हुई थी। उसके बाद हंडिया के राका गांव और बारा के लालापुर के पंडुआ गांव में एक-एक युवक की मौत हुई। 31 मई को संक्रमितों की संख्या 90 थी और 57 लोग ठीक होकर घर जा चुके थे। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि जो ट्रेंड नजर आ रहा है, उससे यही लग रहा है कि संक्रमित होने वालों का आंकड़ा और बढ़ेगा। अब तो कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमण के सामुदायिक प्रसार का खतरा पैदा हो गया है।
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