{"_id":"649d4025f8bc02f87f018609","slug":"iit-bhu-team-took-samples-of-dividers-and-other-construction-works-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : आईआईटी बीएचयू की टीम ने डिवाइडर समेत अन्य निर्माण कार्यों का लिया सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : आईआईटी बीएचयू की टीम ने डिवाइडर समेत अन्य निर्माण कार्यों का लिया सैंपल
Thu, 29 Jun 2023 01:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 29 Jun 2023 01:56 PM IST
सार
मनमोहन पार्क से लक्ष्मी चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण के बाद डिवाइडर निर्माण, सड़क पर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए केसी ड्रेन निर्माण और कोर कटिंग का कार्य पीडीए की तरफ से कराया जा रहा है।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी के तहत हुए कार्यों का निरीक्षण करती बीएचयू आईआईटी की टीम।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संगमनगरी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हो रहे कार्यों में लगातार मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच बुधवार को आईआईटी बीएचयू की टीम कटरा में मनमोहन पार्क से लक्ष्मी चौराहा तक की सड़क पर बन रहे डिवाइडर, केसी ड्रेन समेत अन्य कार्यों का सैंपल लेने पहुंची। टीम ने सभी निर्माण कार्यों का सैंपल इकट्ठा किया।
विज्ञापन
मनमोहन पार्क से लक्ष्मी चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण के बाद डिवाइडर निर्माण, सड़क पर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए केसी ड्रेन निर्माण और कोर कटिंग का कार्य पीडीए की तरफ से कराया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों में अनियमितता और मानकों की अनदेखी को लेकर पूर्व पार्षद आनंद अग्रवाल ने शिकायत की थी।
विज्ञापन
जिसके बाद मंडलायुक्त के निर्देश पर आईआईटी बीएचयू की टीम बुधवार को प्रयागराज पहुंची। आईआईटी बीएचयू के प्रो. प्रेम कुमार की टीम ने निर्माण कार्यों की जांच कर सैंपल लिया। टीम में शामिल पीएचडी स्कॉलर अमरदीप पांडेय ने बताया कि सैंपल की जांच के बाद सामने आएगा कि मानक के अनुरूप कंकरीट आदि का प्रयोग हुआ है या नहीं।
विज्ञापन
उधर, पूर्व पार्षद आनंद अग्रवाल का आरोप है कि सड़क पर ड्रेनेज सिस्टम बेहद खराब तरीके से बनाया जा रहा है। सड़क के पानी को नालियों तक पहुंचाने के लिए जिन पाइपों का प्रयोग हो रहा है, वह भी ठीक प्रकार से नहीं लगाया गया है।