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High Court : फतेहपुर की नूरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, अगली सुनवाई 17 नवंबर को
Sat, 15 Nov 2025 02:12 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Nov 2025 02:12 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर की नूरी जामा मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने मस्जिद की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिका पर दिया है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर की नूरी जामा मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने मस्जिद की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिका पर दिया है।
फतेहपुर स्थित मस्जिद की प्रबंध समिति ने ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। प्रबंध समिति की ओर से कोर्ट को बताया गया कि नूरी जामा मस्जिद का एक हिस्सा दिसंबर 2024 में भी कथित अतिक्रमण बताकर गिराया गया था। राज्य की ओर से यह दलील दी गई कि सड़क चौड़ीकरण के सार्वजनिक कार्य के लिए तोड़फोड़ आवश्यक थी। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
याची अधिवक्ता ने कहा कि ध्वस्तीकरण का कार्य अभी भी लंबित है। अगर संरक्षित नहीं की गई तो अगली तिथि तक मस्जिद ध्वस्त कर दी जाएगी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सड़क चौड़ीकरण के तात्कालिक महत्व को देखते हुए इसे 17 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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फतेहपुर स्थित मस्जिद की प्रबंध समिति ने ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। प्रबंध समिति की ओर से कोर्ट को बताया गया कि नूरी जामा मस्जिद का एक हिस्सा दिसंबर 2024 में भी कथित अतिक्रमण बताकर गिराया गया था। राज्य की ओर से यह दलील दी गई कि सड़क चौड़ीकरण के सार्वजनिक कार्य के लिए तोड़फोड़ आवश्यक थी। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
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याची अधिवक्ता ने कहा कि ध्वस्तीकरण का कार्य अभी भी लंबित है। अगर संरक्षित नहीं की गई तो अगली तिथि तक मस्जिद ध्वस्त कर दी जाएगी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सड़क चौड़ीकरण के तात्कालिक महत्व को देखते हुए इसे 17 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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