High Court : सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण की एफआईआर रद्द करने की याचिका पर होगी सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी से सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव को डकैती मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना आत्म समर्पण करने के बाद निष्फल कर दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी से सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव को डकैती मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना आत्म समर्पण करने के बाद निष्फल कर दी है। ऐसे में अब सिर्फ एफआईआर रद्द करने के मामले में सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
झांसी से पूर्व विधायक दीप नारायण यादव उर्फ दीपक के खिलाफ भुजौंद गांव निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने 20 नवंबर 2025 को मोंठ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि उसकी पुस्तैनी जमीन पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के स्कूल के बगल में है। उसे पूर्व विधायक कब्जाना चाहते हैं। दो नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता प्रेम सिंह पालीवाल को पूर्व विधायक सहित अन्य ने घेरकर असलहा तान दिया और 32 हजार रुपये छीन लिए। फरार पूर्व विधायक ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने व प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की।
कोर्ट ने आत्मसमर्पण करने के आधार पर याचिका में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अर्जी खारिज कर दिया। हालांकि याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि वो एफआईआर को रद्द करने की मांग पर पर अपना पक्ष रखेंगे। इसपर कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के एक हफ्ते का समय दिया है। अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को नियत है।