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High Court : मैदान या पार्क पर न किया जाए अतिक्रमण, उनके मूल स्वरूप से न हो छेड़छाड़
Sat, 14 Feb 2026 06:36 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Feb 2026 06:36 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पार्क या मैदान के लिए चिह्नित भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या अन्य उपयोग की अनुमति न देने का निर्देश दिया है।
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अदालत का आदेश
- फोटो : istock
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पार्क या मैदान के लिए चिह्नित भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या अन्य उपयोग की अनुमति न देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने सोसायटी फॉर वॉइस ऑफ ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस की ओर से दाखिल जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया।
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याचिका में मांग की गई थी कि पार्क या खुले मैदान का किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग रोका जाए। उन्हें उनके मूल स्वरूप में ही सुरक्षित रखा जाए। याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद मनमानी की जा रही है।
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कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए निर्देश जारी किया कि संबंधित प्राधिकारी याची की शिकायत पर विधि के अनुसार उचित आदेश पारित करें। साथ ही कोर्ट ने याची को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह में इस आदेश की प्रति के साथ संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन प्रस्तुत करे।
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