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Prayagraj News: अच्छी सेहत के लिए सरकार-विशेषज्ञ मोटे अनाज के फायदे गिनाएं पर बच्चों को जंक फूड भाए

Mon, 21 Jul 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Mon, 21 Jul 2025 02:11 AM IST
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Government and experts count the benefits of coarse grains for good health but children like junk food
मोटापे की बढ़ती समस्या को देखते हुए एक ओर जहां सरकार मोटे अनाज को बढ़ावा देने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर बच्चे दाल-चावल से भी दूर होकर जंक फूड के शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि 82 प्रतिशत से अधिक बच्चे (15 से 18 वर्ष के बीच) जंक फूड के आदी हैं। इनमें 36 फीसदी तो ऐसे हैं जो रोजाना जंक फूड का सेवन कर रहे हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की ओर से कराए गए सर्वे में उक्त तथ्य उजागर हुए हैं।
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बच्चों में बढ़ते मोटोपे की समस्या को देखते हुए मेडिसिन विभाग की ओर से वर्ष 2023 से 25 के बीच 450 बच्चों पर सर्वे कराया गया। इसमें हिंदी और इंग्लिश मीडियम के नाैवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। सर्वे के अनुसार, 370 बच्चों में जंक फूड की आदत पाई गई। इनमें इंग्लिश मीडियम के 123 लड़के और 121 लड़कियों शामिल हैं। वहीं हिंदी मीडियम के 35 लड़के और 91 लड़कियों में चाट, फुल्की, पकौड़ी, समोसा, पिज्जा, बर्गर, मोमो (जंक फूड) की आदत पाई गई। इनमें से 36 फीसदी से अधिक यानी 134 बच्चे रोजाना जंक फूड का सेवन कर रहे हैं।
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जागरूकता के उद्देश्य से कराया गया सर्वे : डॉ. अनुभा


मेडिकल काॅलेज में मेडिसिन विभाग की डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वे का उद्देश्य लोगों को जंक फूड से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में दो से तीन महीने में मुश्किल से एक-दो बच्चे मोटापा और डायबिटीज के शिकार हो रहे थे जबकि अब हर महीने पांच से अधिक बच्चे मोटापा और शुगर की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। जंक फूड का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो नुकसान नहीं है मगर अब बच्चे रोज इसका सेवन कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे बच्चों में मोटापा, शुगर व ह्दय रोग की समस्या बढ़ रही है।
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क्या है सर्वे रिपोर्ट

आवृत्ति - लड़के (प्राइवेट स्कूल) -लड़कियां----लड़के (हिंदी मीडियम) -लड़कियां -टोटल

रोजाना 52 45 7 30 134

सप्ताह में 21 6 -- -- 27



महीने में 50 69 28 61 -208



नहीं खाते 1 1

कुल संख्या 123 121 35 91 370

450 में सिर्फ एक लड़की ने कहा- नहीं खाती जंक फूड



सर्वे में हिंदी मीडियम की कक्षा नाै की सिर्फ एक छात्रा ने कहा कि वह जंक फूड का सेवन बिलकुल नहीं करती है। इसके अलावा अधिकांश लड़कियों ने मोमोज को अपना पसंदीदा जंक फूड बताया।



जंक फूड से क्या है नुकसान



जो बच्चे रोजाना जंक फूड का सेवन कर रहे हैं, वे गंभीर रूप से कुपोषित हो सकते हैं। इसके अलावा जंक फूड के प्रतिदिन सेवन से कमजोर हड्डियां, दांत, हृदय संबंधी समस्याएं एवं मोटापा आम है।




कैसे छुड़ाएं बच्चों में जंक फूड की आदत



1-फल--सेब, केले, संतरे और जामुन का सेवन कराएं

2-सब्जियां- पत्तेदार साग, मिर्च, ब्रोकोली और फूलगोभी



3-साबुत अनाज और स्टार्च- जई, भूरा चावल, क्विनोआ और शकरकंद

4-बीज और मेवे- बादाम, अखरोट और सूरजमुखी के बीज



5-फलियां- सेम, मटर और मसूर

6-स्वस्थ प्रोटीन स्रोत- मछली, शंख, टोफू, स्टेक और पोल्ट्री



7-डेयरी- ग्रीक दही, पनीर, दूध

8-स्वस्थ वसा- जैतून का तेल, सरसों का तेल, घी, नारियल



9-स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ-पानी, नींबू पानी, सत्तू पानी, जौ का पानी



जंक फूड बाहर से खिलाने की जगह घर में तैयार करें। पैकेट वाले चिप्स और नमकीन की जगह घर पर ही लाई, मखाना, चना और ड्राई फूड का इस्तेमाल करें। इसके अलावा घर पर ही पेय पदार्थ तैयार करें।



--कौशेन हफीज, क्लीनिकल डायटीशियन, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।


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