Diwali : शहर में 10 स्थानों पर लगी पटाखों की दुकान, 78 पुलिसकर्मियों की तैनाती
अग्निशमन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पटाखों की दुकानों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। देखा कि इन स्थानों पर मानक के अनुसार अग्निशमन व्यवस्था की गई है या नहीं। खुल्दाबाद, कैंट, सिविल लाइंस, धूमनगंज, अतरसुइया, जार्जटाउन, शिवकुटी, दारागंज, कीडगंज व झूंसी में पटाखों की अस्थायी दुकानें सजाने की अनुमति दी गई है।
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शहर में 10 स्थानों पर पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। इन स्थानों पर कुल 78 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा अगले तीन दिनों तक कोतवाली, शाहगंज समेत पांच स्थानों पर फायर टेंडर की तैनाती की गई है।
अग्निशमन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पटाखों की दुकानों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। देखा कि इन स्थानों पर मानक के अनुसार अग्निशमन व्यवस्था की गई है या नहीं। खुल्दाबाद, कैंट, सिविल लाइंस, धूमनगंज, अतरसुइया, जार्जटाउन, शिवकुटी, दारागंज, कीडगंज व झूंसी में पटाखों की अस्थायी दुकानें सजाने की अनुमति दी गई है।
खुल्दाबाद में लूकरगंज का मैदान, कैंट में सदर बाजार खेल मैदान, सिविल लाइंस में महिला पॉलीटेक्निक मैदान, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज का मैदान, धूमनगंज में मंडेरा मंडी, अतरसुइया में डीएवी कॉलेज मैदान, जार्जटाउन में अल्लापुर लेबर चौराहा रामलीला मैदान व कर्नलगंज इंटर कॉलेज मैदान, शिवकुटी में एनआरआईपीटी व तेलियरगंज बालू मंडी, दारागंज में राधारमन इंटर कॉलेज, कीडगंज में केएन काटजू इंटर कॉलेज और झूंसी में त्रिवेणीपुरम व नई झूंसी रामलीला मैदान में पटाखों की दुकान सजाई गई हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि प्रत्येक स्थानों पर दो आग बुझाने वाले सिलेंडरों से लैस फायरमैन को तैनात किया गया है। इसके अलावा कोतवाली, शाहगंज, एंग्लो बंगाली कॉलेज, मुंडेरा मंडी व सिविल लाइंस में फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आग लगने की सूचना पर 9454418558 पर सूचना दी जा सकती है।
इसका भी रखें ख्याल
1. लक्ष्मी पूजन स्थल से ज्वलनशील पदार्थ जैसे पर्दा, बिस्तर, कपड़े आदि दूर रखें।
2. दीये/ मोमबत्ती सुरक्षित स्थान पर ही सजाएं।
3. बिजली की झालर आदि से बिजली के बोर्ड पर अत्यधिक भार न दें अन्यथा शार्ट सर्किट होने से आग लगने की आशंका है।
4. पटाखों को घर के वयस्क व्यक्ति के नियंत्रण में ही सुरक्षित स्थान पर आग के श्रोत से दूर ही रखें।
5. पटाखे हमेशा प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त विक्रेता से ही लें ।
7. तेज आवाज वाले पटाखे स्कूल, काॅलेज, हाॅस्पिटल, आश्रम आदि के पास न बजाएं। यह ध्वनि प्रदूषण के साथ ही आपके एवं दूसरों के कानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
8. पटाखे चलाते समय मोटे सूती एवं चुस्त कपड़े पहनें। ढ़ीले कपड़े पहनने पर अग्नि दुर्घटना की संभावना होती है।
9. पटाखे हमेशा खुले स्थान पर किसी वयस्क की उपस्थिति पर ही बच्चों को चलाने दें ।
10. जले हुए पटाखे इधर-उधर न फेंकते हुए पानी की बाल्टी या सुरक्षित स्थान पर ही रखें।
12. पटाखे चलाते समय अग्नि दुर्घटना से तुरन्त निपटने के लिए दो बाल्टी पानी व बालू भरकर रखें।
13. पटाखों को रात्रि 10:00 से 6:00 के बीच में न जलाएं।
आग लगने पर क्या करे :
- पटाखों से कपड़ों में आग लगने पर दौड़ें नहीं बल्कि जमीन पर लेटकर लुढकें एवं बुझाने हेतु पानी का प्रयोग करें।
- कपड़ों में लगी आग को बुझाने हेतु मोटे कपड़े अथवा कम्बल का प्रयोग किया जा सकता है।
- पटाखों से जल जाने पर पानी का प्रयोग करें एवं चिकित्सक की सलाह लें।