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टिड्डी दल के आने से दहशत
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मध्य प्रदेश की सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान टिड्डी दल के हमले की आशंका से सहमे हैं। कोरांव, शंकरगढ़, नारीबारी, खीरी, लेड़ियारी समेत अन्य इलाकों में रहने वालों की नींद उड़ी है। मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों ने एमपी सीमा से सटे इलाकों का भ्रमण किया। लोगों को टिड्डी से बचाव की जानकारी दी। इस संबंध में सोमवार को अलर्ट जारी किया गया था। टिड्डी दल नियंत्रण में लगाए गए कृषि विभाग के अफसरों ने झांसी, ललितपुर के रास्ते रीवा, सतना तक पहुंचे टिड्डी दल से बचाव के लिए अलर्ट जारी किया था। आशंका थी कि सोमवार रात या मंगलवार को टिड्डियों का हमला हो सकता है, जो नहीं हुआ।
वहीं अलर्ट जारी होने के बाद से जिले कोरांव, शंकरगढ़, नारीबारी, लेड़ियारी समेत करीब 30 गांवों में रहने वाले किसान टिड्डी दल के हमले की आशंका से सहमे हैं। किसान दिन में कई बार कभी खेत देखते हैं तो कभी अपना घर और दुआर, लेकिन फिलहाल राहत है। कोरांव के जगदंबा कोल के मुताबिक अफसरों के बताने के बाद कीटों से बचाव के लिए धुआं करने के इंतजाम किए गए हैं। लोगों को बताया गया है कि डरें नहीं बचाव करें। वहीं मैलाथियान समेत अन्य कीटनाशक की भी खरीद किसान कर रहे हैं। नोडल अधिकारी जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक किसानों को टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए पटाखा बजाने की भी सलाह दी गई है। साथ ही पावर स्प्रेयर, फुट स्प्रेयर, अग्नि शमन यंत्र समेत अन्य साधन बचाव के लिए सुझाव गए हैं। विभागीय अफसर क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं ताकी लोगों को जागरूक कर उनका डर कम किया जा सके।
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वहीं अलर्ट जारी होने के बाद से जिले कोरांव, शंकरगढ़, नारीबारी, लेड़ियारी समेत करीब 30 गांवों में रहने वाले किसान टिड्डी दल के हमले की आशंका से सहमे हैं। किसान दिन में कई बार कभी खेत देखते हैं तो कभी अपना घर और दुआर, लेकिन फिलहाल राहत है। कोरांव के जगदंबा कोल के मुताबिक अफसरों के बताने के बाद कीटों से बचाव के लिए धुआं करने के इंतजाम किए गए हैं। लोगों को बताया गया है कि डरें नहीं बचाव करें। वहीं मैलाथियान समेत अन्य कीटनाशक की भी खरीद किसान कर रहे हैं। नोडल अधिकारी जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक किसानों को टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए पटाखा बजाने की भी सलाह दी गई है। साथ ही पावर स्प्रेयर, फुट स्प्रेयर, अग्नि शमन यंत्र समेत अन्य साधन बचाव के लिए सुझाव गए हैं। विभागीय अफसर क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं ताकी लोगों को जागरूक कर उनका डर कम किया जा सके।
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