फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   farmers upset due to double policy in wheat procurment

गेहूं खरीद में दोहरी नीति से किसान परेशान

Wed, 22 Apr 2020 12:45 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 12:45 AM IST
विज्ञापन
farmers upset due to double policy in wheat procurment
गेहूं खरीद को लेकर नई समस्या खड़ी हो गई है। इसमें दोहरी नीति अपनाई जा रही है। इतना ही नहीं अफसरों के बयान में भी अंतर है। खासतौर पर, बारा तहसील में ओलावृष्टि का लाभ पा चुके किसानों से गेहूं लेने से मना कर दिया जा रहा है। तहसील में सत्यापन से ही मना कर दिया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि दो योजनाओं का लाभ नहीं लिया जा सकता। इसके विपरीत एडीएम नागरिक आपूर्ति एवं विपणन विभाग के अफसरों का कहना है कि ऐसा कोई आदेश नहीं है।
विज्ञापन

किसान प्रति हेक्टेयर अधिकतम 38 क्विंटल गेहूं की बिक्री कर सकते हैं। इससे अधिक गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं लिए जाएंगे। ओलावृष्टि से फसल नुकसान होने का मुआवजा पा चुके किसानों को इससे भी वंचित होना पड़ रहा है। गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले तहसील से सत्यापन कराना पड़ता है लेकिन वहां से बड़ी संख्या में किसानों को वापस कर दिया जा रहा है। लालापुर के किसान हरिहर यादव का कहना है कि उन्हें यह कहकर वापस कर दिया कि ओलावृष्टि का एक बार लाभ पा चुके हैं। इसलिए सरकारी केेंद्र पर गेहूं की बिक्री नहीं कर सकते। शंकरगढ़ के जूही गांव के प्रधान विमल सिंह, जगदीश प्रसाद, महेंद्र मिश्र आदि का कहना है कि वे सोसाइटी पर गए थे लेकिन वापस कर दिया गया। सोसाइटी के लोगों का कहना था कि जिनकी फसल को 50 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है उन्हें तहसील से सत्यापन कराना होगा। इसी तरह की शिकायत, शंकरगढ़ के राममूरत पटेल, दीनानाथ आदि की भी है। वहीं एसडीएम बारा संदीप भागिया का कहना है कि किसानों को नुकसान का मुआवजा मिल चुका है। इसलिए नुकसान के अनुपात में ही गेहूं बिक्री की अनुमति दी जाएगी। इसके विपरीत संभागीय अधिकारी देवराज यादव का कहना है इस तरह का कोई निर्देश नहीं है। सभी का गेहूं लिया जाएगा। एडीएम नागरिक आपूर्ति का कहना है कि गेहूं बेचना कोई अतिरिक्त लाभ नहीं है। इसके अलावा गेहूं खरीद में यह नहीं देखा जाता कि उसने मुआवजा लिया या नहीं। सिर्फ गेहूं की गुणवत्ता देखी जाती है। मुआवजा पा चुके किसानों का गेहूं लिए जाने पर कोई रोक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed