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प्रयागराज : एडीओ कोआपरेटिव के निलंबन की मांग को लेकर हाईवे पर बैठे किसान

Sat, 13 Nov 2021 11:21 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Nov 2021 11:21 PM IST
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Farmers sitting on the highway demanding suspension of ADO Cooperative
Prayagraj News : मऊआइमा के मोहम्मदपुर सरांय अली में एडीओ कोआपारेटिव एवं किसान के बीच होती नोकझोक। - फोटो : प्रयागराज

एडीओ को-ऑपरेटिव के निलंबन की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार को मऊआइमा ब्लाक बाजार के सामने प्रयागराज-प्रतापगढ़ हाईवेे पर जाम लगा दिया। इससे कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतार लग गई। फोर्स के साथ पहुंचे अफसरों ने किसानों को हटाने की कोशिश की, लेकिन वे पीछे हटने केलिए तैयार नहीं थी। डीएम की ओर से पूरे मामले की जांच कराने तथा एक सप्ताह में आरोपी एडीओ के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही किसान हटे।

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बृहस्पतिवार को खाद लेने पहुंचे किसानों का एडीओ से विवाद हो गया था। एक किसान का आरोप है कि एडीओ ने पैर पकड़वाकर माफी मंगवाई। इससे नाराज किसानों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार को चक्काजाम कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जुटे किसान एडीओ को निलंबित करने तथा डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। एसडीएम सोरांव ज्योति मौर्या ने किसानों से वार्ता की।

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उन्होंने बताया कि  इस मामले में डीएम ने जांच का आदेश दिया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद किसानों ने आंदोलन खत्म किया। चक्काजाम करने वालों में जिलाध्यक्ष शनि शुक्ला, गोविंद बहादुर सिंह, जलीस उद्दीन, अमरनाथ यादव, रामसजीवन पटेल, राजकुमार यादव, राममूरत यादव, सुरेंद्र यादव, कुसुम देवी, अनुराग यादव आदि शामिल रहे।

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फूलपुर इफको केंद्र पर भगदड़, महिला गंभीर

डीएपी को लेकर किसानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। शनिवार को इफको फूलपुर किसान सेवा केंद्र पर भगदड़ की वजह से एक महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई। प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। भगदड़ में कई अन्य किसान भी घायल हो गए।

इफको केंद्र पर डीएपी के लिए कई दिनों से किसानों की लंबी कतार लग रही है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में किसान लाइन में लगे। गेट खुलते ही वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान गिरने से कई किसान घायल हो गए। 55 वर्षीय एक महिला के ऊपर से तो कई किसान गुजर गए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला के पति लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पति संतोष कुमार किसी तरह से पत्नी को किनारे ले जाने में सफल हो पाए। इसके बाद वह इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे लग गए। महिला को फूलपुर सामुदायिक केंद्र ले जाया गया।

तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। भगदड़ की वजह से वहां काफी देर तक खाद की बिक्री भी रुकी रही। सूचना पर उप निदेशक कृषि विनोद कुमार भी केंद्र पर पहुंच गए। प्रशासन तथा कृषि विभाग के अफसरों ने किसी तरह से किसानों को आश्वस्त किया कि  सभी को डीएपी मिलेगी। इसकी कोई कमी नहीं है। हालांकि इसके बाद किसानों में नाराजगी रही।

डीएपी के लिए जद्दोजहद
डीएपी के लिए किसानों की जद्दोजहद को फूलपुर केंद्र पर मची भगदड़ से घायल महिला के संघर्ष से ही समझा जा सकता है। कांदीपुर सोपरावारी की प्रेमा देवी के पति संतोष कुमार दो सप्ताह से लाइन लगा रहे थे लेकिन टोकन ही नहीं मिला और न ही खाद मिली। इसी बीच संतोष को किसी ने बताया कि कोई महिला लाइन में लग जाए तो खाद थोड़ी आसानी से मिल जाएगी। इसके बाद शुक्रवार को प्रेमा देवी ने लाइन लगाई लेकिन उन्हें भी निराशा मिली। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और केंद्र के बाहर ही रात गुजारी और शनिवार को गेट खुलने का इंतजार करती रहीं। सुबह 10 बजे गेट खुलने पर भगदड़ मच गई जिसमें प्रेमा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

समिति कर्मचारी के घर मिली 23 बोरी डीएपी, जांच शुरू
डीएपी की कालाबाजारी में कर्मचारियों की भी मिलीभगत की बात सामने आई है। होलागढ़ में सहकारी समिति के एक कर्मचारी के घर से 23 बोरी डीएपी मिली है। आरोपी कर्मचारी होलागढ़ सुल्तानपुर अकबर स्थित साधन सहकारी समिति पर कार्यरत है। कमईपुर गांव स्थित उसके घर से खाद  मिली है। बताया जा रहा है कि किसी बैंक कर्मचारी ने खाद रखवाई थी। एडीओ को-ऑपारेटिव बृजेंद्र मिश्रा का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डीएपी की कालाबाजारी, अवैध भंडारण से बिगड़े हालात

डीएपी के लिए कतार में लगे किसानों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण ने मुसीबत और बढ़ा दी है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक आपूर्ति के बावजूद डीएपी की कमी हो गई है और केंद्रों पर लंबी कतार लग रही है। खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने शनिवार को भी जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया। कालाबाजारी और डीएपी डंप किए जाने की शिकायत पर कृषि विभाग की तीन टीमों ने शनिवार को भ्रमण किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला।

रबी सीजन के लिए एक अक्तूबर से अब तक 16600 मीट्रिक टन डीएपी आ चुुकी है। वहीं पिछले वर्ष इस अवधि में 15 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति हुई थी। इस तरह से अब तक 1660 मीट्रिक टन अधिक डीएपी की आपूर्ति हो चुकी है। ऐसे में डीएपी की कमी से कई सवाल खड़े हो गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि अभी गेहूं की बुवाई पूरी तरह से शुरू नहीं हुई है। गेहूं की बुवाई शुरू होने के बाद खाद की मारामारी और बढ़ने की आशंका है।

अधिक आपूर्ति के बावजूद डीएपी की कमी के पीछे कालाबाजारी और भंडारण को मुख्य वजह माना जा रहा है। कई बाजारों में क्रय केंद्रों से कुछ दूरी पर ही अधिक कीमत पर डीएपी की बिक्री की शिकायतें मिल रहीं हैं। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि कालाबाजारी करने वालों ने डीएपी डंप भी कर ली है। इसकी शिकायत प्रशासन तथा कृषि विभाग के अफसरों के पास भी पहुंची है। इसके बावजूद कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। हालांकि, जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या का कहना है कि  कालाबाजारी करने वालों तथा डीएपी डंप करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है।

इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को तीन टीमों ने निरीक्षण किया। इसके अलावा क्रय केंद्रों से सिर्फ जरूरतमंद किसानों को ही डीएपी मिले, इसके लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। उप निदेशक विनोद कुमार का कहना है कि  जिले में कहीं भी खाद की कमी नहीं है। लोगों में किसी तरह का भ्रम है, इसलिए केंद्रों पर भीड़ जुट रही है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

आज एक रैक खाद आने की उम्मीद
मांग को देखते हुए डीएपी की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार एक रैक डीएपी आ रही है। रविवार को डीएपी के पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 1600 मीट्रिक टन डीएपी होगी। एक सप्ताह में दो रैक डीएपी और आने की उम्मीद है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। डीएपी के अलावा 1650 मीट्रिक टन एनपीकेएस (22020013) खाद भी आ चुकी है।
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