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हाईकोर्ट से राहत : ओवरएज हुए दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों को आवेदन करने की छूट
Fri, 28 May 2021 10:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 28 May 2021 10:50 PM IST
सार
- 28 वर्ष की आयु सीमा पर कर चुके उम्मीदवारों को राहत
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दरोगा भर्ती 2021 में उन अभ्यर्थियों को राहत दी है, जो 28 वर्ष की अधिकतम आयुसीमा पार हो जाने के कारण अयोग्य हो गए थे। कोर्ट ने उनके आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुशील कुमार सिंह एवं अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता तरुण अग्रवाल एवं प्रशांत मिश्र और सरकारी वकील ने पक्ष रखा। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया कि ऐसे याची अभ्यर्थी जिनकी आयु एक जुलाई 2018 को 28 वर्ष से अधिक नहीं है, उनके आवेदन पत्र अनंतिम रूप से स्वीकार किए जाएं। यह भी कहा कि ऐसे सभी अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किया जाएगा।
याचिका के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने फरवरी 2021 में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर एवं अग्निशमन सेवा अधिकारी (द्वितीय) के 9534 पद विज्ञापित किए थे। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि पहले 30 अप्रैल थी, जिसे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2016 के बाद इस पद के लिए भर्ती नहीं हुई है। वर्ष 2016 के बाद यह पहली भर्ती है, जबकि राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट में प्रत्येक वर्ष 3000 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था।
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कहा गया कि आश्वासन का अनुपालन नहीं करने से कई योग्य अभ्यर्थी आयुसीमा पार करने के कारण अयोग्य हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही परिस्थिति में पुलिस आरक्षी भर्ती 2018 में अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट प्रदान की थी। ऐसे में याचियों को भी आयुसीमा में छूट देते हुए उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया जाए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में शासन की ओर से कोई देरी नहीं है, क्योंकि 2016 के विज्ञापन से संबंधित विवाद का निस्तारण हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2019 को किया था और मामला अब भी सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। इस पर याचियों की ओर से कहा गया कि वह विवाद वर्ष 2016 की भर्ती से संबंधित है और वर्ष 2017 से 2020 तक भर्ती के आयोजन पर कोई रोक नहीं है।
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याचिका पर अधिवक्ता तरुण अग्रवाल एवं प्रशांत मिश्र और सरकारी वकील ने पक्ष रखा। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया कि ऐसे याची अभ्यर्थी जिनकी आयु एक जुलाई 2018 को 28 वर्ष से अधिक नहीं है, उनके आवेदन पत्र अनंतिम रूप से स्वीकार किए जाएं। यह भी कहा कि ऐसे सभी अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किया जाएगा।
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याचिका के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने फरवरी 2021 में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर एवं अग्निशमन सेवा अधिकारी (द्वितीय) के 9534 पद विज्ञापित किए थे। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि पहले 30 अप्रैल थी, जिसे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2016 के बाद इस पद के लिए भर्ती नहीं हुई है। वर्ष 2016 के बाद यह पहली भर्ती है, जबकि राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट में प्रत्येक वर्ष 3000 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था।
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कहा गया कि आश्वासन का अनुपालन नहीं करने से कई योग्य अभ्यर्थी आयुसीमा पार करने के कारण अयोग्य हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही परिस्थिति में पुलिस आरक्षी भर्ती 2018 में अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट प्रदान की थी। ऐसे में याचियों को भी आयुसीमा में छूट देते हुए उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया जाए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में शासन की ओर से कोई देरी नहीं है, क्योंकि 2016 के विज्ञापन से संबंधित विवाद का निस्तारण हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2019 को किया था और मामला अब भी सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। इस पर याचियों की ओर से कहा गया कि वह विवाद वर्ष 2016 की भर्ती से संबंधित है और वर्ष 2017 से 2020 तक भर्ती के आयोजन पर कोई रोक नहीं है।