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exclusive: संगम पर एलिवेटेड प्लाईओवर परियोजना निरस्त
Sun, 13 Sep 2020 01:32 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 13 Sep 2020 01:32 AM IST
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संगम तट
- फोटो : अमर उजाला
कुंभ व माघ मेला में दिव्यांग और निसक्त श्रद्धालुओं को संगम में डुबकी लगाने के लिए एलिवेटेड फ्लाईओवर व फोर लेन सड़क परियोजना के प्रस्ताव को शासन ने निरस्त कर दिया है। करीब 1100 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम शुरू होने से पहले ही पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में करोड़ों रुपये अवमुक्त कर दिए गए थे। संगम पर प्रस्तावित इस परियोजना को अनुपयोगी और औचित्यहीन बताते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने पहले ही शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
संगम पर करीब तीन किमी लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कराने के साथ ही फोर लेन सड़क से इसे जोड़ने की परियोजना वर्ष 2015-16 में तैयार हुई थी। एनलाइनमेंट के अनुसार झूंसी स्थित उल्टा किला के पास से इस एलिवेटेड फ्लाईओवर को नैनी टोल प्लाजा के पास मिलाया जाना था। इस एलिवेटेड पुल और फोरलेन के निर्माण के लिए जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को जिम्मेदारी दी गई थी।
काम शुरू होने से पहले ही इस परियोजना के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया गया था। सीएनडीएस के प्रस्ताव के मुताबिक इस एलिवेटेड पुल की डिजाइन कुंभ व माघ मेला में संगम स्नान के लिए आने वाले दिव्यांग व निसक्त श्रद्धालुओं के लिए खास तौर पर की गई थी। इस एलिवेटेड पुल मध्य संगम पर लिफ्ट केजरिए सीढ़ी दी गई थी।
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ताकि ऐसे श्रद्धालु को उसी सीढ़ी से नीचे उतर कर संगम में आसानी से डुबकी लगाकर वापस जा सकें। इस दौरान महीने भर के लिए इस पुल पर आम लोगों या वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने का भी प्रस्ताव था। इसके अलावा इस परियोजना में अरैल में यमुना नदी के किनारे से गुजरने वाली सड़क को फोर लेन करते हुए संगम तक पहुंच मार्ग के रूप में जोड़ने का भी प्रस्ताव शामिल था।
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संगम पर करीब तीन किमी लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कराने के साथ ही फोर लेन सड़क से इसे जोड़ने की परियोजना वर्ष 2015-16 में तैयार हुई थी। एनलाइनमेंट के अनुसार झूंसी स्थित उल्टा किला के पास से इस एलिवेटेड फ्लाईओवर को नैनी टोल प्लाजा के पास मिलाया जाना था। इस एलिवेटेड पुल और फोरलेन के निर्माण के लिए जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को जिम्मेदारी दी गई थी।
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काम शुरू होने से पहले ही इस परियोजना के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया गया था। सीएनडीएस के प्रस्ताव के मुताबिक इस एलिवेटेड पुल की डिजाइन कुंभ व माघ मेला में संगम स्नान के लिए आने वाले दिव्यांग व निसक्त श्रद्धालुओं के लिए खास तौर पर की गई थी। इस एलिवेटेड पुल मध्य संगम पर लिफ्ट केजरिए सीढ़ी दी गई थी।
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ताकि ऐसे श्रद्धालु को उसी सीढ़ी से नीचे उतर कर संगम में आसानी से डुबकी लगाकर वापस जा सकें। इस दौरान महीने भर के लिए इस पुल पर आम लोगों या वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने का भी प्रस्ताव था। इसके अलावा इस परियोजना में अरैल में यमुना नदी के किनारे से गुजरने वाली सड़क को फोर लेन करते हुए संगम तक पहुंच मार्ग के रूप में जोड़ने का भी प्रस्ताव शामिल था।
- संगम पर एलिवेटेड पुल और फोरलेन परियोजना को शासन ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण की रिपोर्ट पर निरस्त कर दिया है। इस परियोजना के तहत जो भी धन अवमुक्त किया गया था, वह खर्च नहीं हुआ है। उस धनराशि को पीएलए खाते में रखा गया था। यह परियोजना दिव्यांग और असक्त श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई थी। एसपी त्रिपाठी, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएनडीएस, प्रयागराज।