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Prayagraj News: साल भर बाद भी बाढ़ में डूबी धान की फसलों की नहीं मिली क्षतिपूर्ति

Tue, 07 Jul 2026 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Tue, 07 Jul 2026 02:29 AM IST
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Even after a year, compensation for paddy crops submerged in the floods has not been received
फाइल फोटो-पिछले वर्ष आई बाढ़ से इस तरह से डूब गई थी धान की फसल। संवाद
किसानों को साल भर बाद भी बाढ़ में डूबी धान की फसलों की क्षतिपूर्ति नहीं मिली है। ऐसे में किसान तहसील का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
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पिछले वर्ष जुलाई माह में बाढ़ से मेजा तहसील के मनूकापूरा, अमिलिया कला, गोसौरा खुर्द, बरहा के हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ था। प्रशासन ने सर्वे भी कराया, लेकिन साल भर बाद भी किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी। तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो (राहत) रमाशंकर शुक्ला ने बताया कि क्षतिपूर्ति के लिए जिला प्रशासन को पत्राचार किया गया है।
बाढ़ से दो बीघा धान की फसल नष्ट हो गई थी। क्षतिपूर्ति के लिए न तो बैंक अकाउंट लिया गया और न ही कोई दस्तावेज। सिर्फ आश्वासन मिलता रहा कि क्षतिपूर्ति जल्द ही मिल जाएगी। -दिलीप विश्वकर्मा, किसान
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पिछले वर्ष बारिश से आई बाढ़ में छह बीघा धान की फसल चौपट हो गई थी, जिससे काफी नुकसान हुआ था। प्रशासन ने सर्वे भी कराया था, लेकिन क्षतिपूर्ति के नाम पर कुछ नहीं मिला। -प्रेमशंकर पटेल
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राहत कोष से क्षतिपूर्ति न मिल पाने से दिक्कत हुई है। हालांकि, प्रयास किया जा रहा है कि पीड़ित किसानों को हर हालात में नष्ट हुई फसल की क्षतिपूर्ति मिले। -नीलम उपाध्याय, एसडीएम मेजा
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