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दवा की तस्करी में सरगना का भाई भेजा गया जेल

Tue, 29 Sep 2020 11:44 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Sep 2020 11:44 AM IST
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drug smugglers brother sent to jail for drug smuggling
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अतरसुइया में एक दिन पहले डेढ़ करोड़ की अवैध दवाओं संग पकड़ा गया दवा तस्कर गिरोह सरगना का भाई अनुराग पुरी गोस्वामी सोमवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि तस्करों ने जिस मकान में गोदाम बना रखा था, उसका मालिक प्रदीप भी इस गोरखधंधे में शामिल था। सरगना के साथ ही उसकी भी तलाश की जा रही है। 
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अतरसुइया के बरगद घाट के पास स्थित हर्षवर्धन नगर में पुलिस ने रविवार को चार गोदामों में छापा मारकर डेढ़ करोड़ की अवैध दवाएं बरामद की थीं। इसके साथ ही दवा तस्कर गिरोह के वांछित चल रहे सरगना अनुपम गोस्वामी के भाई अनुराग को भी गिरफ्तार किया था, जो कीडगंज स्थित एक होटल में छिपकर रह रहा था।
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अनुराग से पूछताछ में पता चला कि इस गोरखधंधे में उसके साथ ही उस मकान का मालिक प्रदीप यादव भी शामिल था, जिसमेें उसने अवैध दवाओं का गोदाम बना रखा था। पुलिस ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने बताया कि मामले में संलप्तिता की बात सामने आने पर प्रदीप को भी वांछित किया गया है।
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प्रदीप के बारे में पता चला है कि वह दवा का व्यवसाय करता था। पुलिस का यह भी कहना है कि घंटों चली पूछताछ के बाद भी अनुराग अपने भाई अनुपम के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद विनीत सिंह ने बताया कि मामले के दोनों वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

अतरसुइया में पैकिंग, रीवा-कौशाम्बी में होती थी सप्लाई

खुल्दाबाद पुलिस की गिरफ्त में आए दवा तस्कर गिरोह सरगना के भाई अनुराग गोस्वामी से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिलीं हैं। पता चला है कि अवैध रूप से रखी गई दवाओं की पैकिंग अतरसुइया में होती थी, जबकि इनकी सप्लाई रीवा व कौशाम्बी में होती थी। फिलहाल पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। 

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घंटों अनुराग से पूछताछ की। इस दौरान सबसे पहले उसके भाई व गिरोह के सरगना अनुपम के बारे में पूछा गया, जिस पर वह कुछ भी बता नहीं सका। उसका कहना था कि पिछले दो महीनों से वह अनुपम के संपर्क में नहीं आया। उसने बताया कि पिछले काफी वक्त से वे गोरखधंधे में लगे हुए थे। पहले मीरापुर मेें ही एक गोदाम बनाया गया था, लेकिन जब कमाई बढ़ने लगी तो चार अन्य दुकानों में गोदाम बनाया गया। इस तरह कुल पांच गोदामों में दवाओं का अवैध रूप से भंडारण किया गया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने इस बात का भी खुलासा किया कि अतरसुइया में अवैध रूप से रखी गई दवाओं की पैकिंग कर वह उन्हें चोरी से कौशाम्बी के साथ ही रीवा व एमपी के अन्य जिलों में सप्लाई करते थे। दवाएं पहुंचाने के लिए उन्होंने वाहन व ड्राइवर का भी इंतजाम कर रखा था। पूर्व में खुल्दाबाद में गिरफ्तार शाहगंज निवासी फैज भी इन्हीं में से एक है। खुल्दाबाद पुलिस का कहना है कि पूछताछ में जो भी बातें सामने आई हैं, उनके आधार पर आगे जांच पड़ताल की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। 

कुल 17 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए 

औषधि निरीक्षक गोविंद लाल गुप्ता ने बताया कि गोदाम में कुल 192 तरह की दवाओं का अवैध रूप से भंडारण किया गया था। इनमें सैनिटाइजर के अलावा नशीली दवाएं व एंटी बायोटिक भी हैं। 17 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले खुल्दाबाद में हुई धरपकड़ के दौरान बरामद दवाओं में से भी पांच नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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