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डीआरएम दफ्तर में अफसर और कर्मचारियों में नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 06 Jan 2015 11:29 PM IST
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एक लिपिक को परेशान करने की शिकायत करने पहुंचे एनसीआरएमयू के नेताओं और डीसीएम के बीच मंगलवार को नोकझोंक हो गई। देर शाम हुई इस घटना को लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में हंगामा मच गया। जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। डीसीएम की शिकायत पर आरपीएफ और सीनियर डीपीओ भी पहुंच गए। घंटेभर चले हंगामे को अफसरों ने किसी तरह सुलझाया। इस प्रकरण को लेकर बुधवार को डीआरएम कार्यालय में हलचल बढ़ सकती है।
आरोप है कि डीसीएम आशुतोष सिंह ने विभाग के एक लिपिक को मुगलसराय से खुर्जा तक के सभी स्टेशनों पर कामर्शियल विभाग में कुर्सी-मेज की कमी की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। कर्मचारी ने मुगलसराय से इलाहाबाद तक की रिपोर्ट बनाई। डीसीएम ने बाकी हिस्सों की रिपोर्ट भी जल्द देने का दबाव बनाया। जानकारी होने पर एनसीआर मेन्स यूनियन के शाखा अध्यक्ष लईक अहमद, शाखा मंत्री इंद्रपाल व आरआर सिंह, शाखा कोषाध्यक्ष नागेंद्र बहादुर सिंह शाम पांच बजे डीसीएम आशुतोष से वार्ता के लिए पहुंचे। तर्क दिया यह कार्य सीएमआई से कराया जाए। बातचीत शुरू र्हुई लेकिन किसी बात को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। कर्मचारियों ने अंदर से अफसर का कक्ष बंद कर लिया तो डीसीएम ने इसकी शिकायत डीआरएम, एडीआरएम, आरपीएफ कमांडेंट, सीनियर डीपीओ से की।
बताते हैं कि आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। कहासुनी बढ़ी तो यूनियन से जुड़े दूसरे कर्मचारी भी पहुंच गए। रेलवे प्रसासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। बात बिगड़ती देख अफसरों ने बीचबचाव कर मामला संभाला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डीसीएम ने वार्ता न करने, रिपोर्ट दर्ज कराने और कार्यालय से बाहर निपट लेने की धमकी दी। फिलहाल, मामले को लेकर डीआरएम वीके त्रिपाठी ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मेन्स यूनियन के मंडल मंत्री एसएन ठाकुर ने चेतावनी दी कि वार्ता करने गए प्रतिनिधियों के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़न की कार्रवाई की गई तो विरोध किया जाएगा।
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आरोप है कि डीसीएम आशुतोष सिंह ने विभाग के एक लिपिक को मुगलसराय से खुर्जा तक के सभी स्टेशनों पर कामर्शियल विभाग में कुर्सी-मेज की कमी की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। कर्मचारी ने मुगलसराय से इलाहाबाद तक की रिपोर्ट बनाई। डीसीएम ने बाकी हिस्सों की रिपोर्ट भी जल्द देने का दबाव बनाया। जानकारी होने पर एनसीआर मेन्स यूनियन के शाखा अध्यक्ष लईक अहमद, शाखा मंत्री इंद्रपाल व आरआर सिंह, शाखा कोषाध्यक्ष नागेंद्र बहादुर सिंह शाम पांच बजे डीसीएम आशुतोष से वार्ता के लिए पहुंचे। तर्क दिया यह कार्य सीएमआई से कराया जाए। बातचीत शुरू र्हुई लेकिन किसी बात को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। कर्मचारियों ने अंदर से अफसर का कक्ष बंद कर लिया तो डीसीएम ने इसकी शिकायत डीआरएम, एडीआरएम, आरपीएफ कमांडेंट, सीनियर डीपीओ से की।
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बताते हैं कि आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। कहासुनी बढ़ी तो यूनियन से जुड़े दूसरे कर्मचारी भी पहुंच गए। रेलवे प्रसासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। बात बिगड़ती देख अफसरों ने बीचबचाव कर मामला संभाला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डीसीएम ने वार्ता न करने, रिपोर्ट दर्ज कराने और कार्यालय से बाहर निपट लेने की धमकी दी। फिलहाल, मामले को लेकर डीआरएम वीके त्रिपाठी ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मेन्स यूनियन के मंडल मंत्री एसएन ठाकुर ने चेतावनी दी कि वार्ता करने गए प्रतिनिधियों के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीड़न की कार्रवाई की गई तो विरोध किया जाएगा।
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