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अतीक अहमद : छह साल में एक दर्जन मुकदमे, फिर भी नहीं कसा शिकंजा, पुलिस बनी रही मूकदर्शक

Tue, 11 Apr 2023 07:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 11 Apr 2023 07:02 AM IST
सार

उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद और उसके करीबियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पुलिस अगर नींद से पहले जागती तो माफिया के मददगार पहले ही सलाखाें के पीछे होते। हाल यह रहा कि 2017 में अतीक के जेल जाने के बाद से अब तक लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज हुए।

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dozen cases in six years, yet the screws were not tightened, the police remained mute spectators
Prayagraj News : अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद और उसके करीबियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पुलिस अगर नींद से पहले जागती तो माफिया के मददगार पहले ही सलाखाें के पीछे होते। हाल यह रहा कि 2017 में अतीक के जेल जाने के बाद से अब तक लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज हुए। लेकिन पुलिस लापरवाह बनी रही और माफिया अपने गुर्गों के जरिए जेल के भीतर बैठकर भी खेल करता रहा।

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अतीक आईएस 227 गिरोह का सरगना है, जिसमें 150 से ज्यादा सदस्य हैं। शुआट्स में घुसकर मारपीट की घटना में 2017 में अतीक के जेल जाने के बाद से दावे किए गए थे कि अब इस गिरोह पर लगाम लगेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अतीक के जेल जाने के बाद भी गुर्गे रंगदारी मांगने, जमीन कब्जाने, सरकारी जमीनों पर कब्जा करने, जालसाजी कर जमीन बेचने के धंधे के साथ ही गवाहों को धमकाने में भी लगे रहे।
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पुलिस रिकॉर्ड की ही बात की जाए तो अतीक के जेल जाने के बाद से ही अब तक उसके गिरोह के सदस्यों पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद भी प्रभावी कार्रवाई न होने से उन पर शिकंजा नहीं कसा जा सका। नतीजा यह हुआ कि गुर्गे लगातार खेल करते रहे जिससे अतीक गैंग को कमजोर करने की पुलिस की रणनीति सफल नहीं हो सकी।

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अतीक के जेल जाने के बाद दर्ज हुए कुछ प्रमुख मामले

- दिसंबर 2018 में अतीक के गुर्गों ने पोंगहट पुल निवासी जैद खालिद को अगवा कर देवरिया जेल ले गए, जहां उसकी पिटाई की गई।
- जून 2017 में दारागंज थाने में चकिया निवासी मो. नसरत उर्फ नसत और उसके चार अज्ञात साथियों पर हत्या के प्रयास व घर में घुसकर तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ। यह केस डीजीपी के आदेश पर दर्ज हुआ था।

- जून 2020 में अतीक के करीबी आसिफ दुर्रानी का नाम करेली के गौसनगर में अवैध स्लाटर हाउस चलाने में आया। पुलिस ने डेरी की आड़ में चल रहे इस स्लाटर हाउस से तीन लोगों को गिरफ्तार किया जबकि दुर्रानी फरार हो गया था।
- दिसंबर 2021 में अतीक के गुर्गों व बेटे अली ने करेली में प्रॉपर्टी डीलर जीशान से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी और रुपये न देने पर हत्या की कोशिश की।

- अगस्त 2022 में अतीक के करीबी असाद व अन्य ने एक बार फिर जीशान पर पूरामुफ्ती में प्रॉपर्टी डीलर जीशान पर जानलेवा हमला किया।
- अगस्त 2022 में ही प्रॉपर्टी डीलर आजम से अतीक के करीबियों ने रंगदारी मांगी। इंकार करने पर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी।

- पिछले साल 25 अगस्त को उमेश पाल से अतीक के करीबी मो. मुस्लिम व खालिद जफर ने एक करोड़ की रंगदारी मांगी।
- जून 2022 में धूमनगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली सुमन देवी की करोड़ों की जमीन अतीक के गुर्गे मो. मुस्लिम व उसके दो साथियों ने दबंगई के बल पर कब्जा ली। यही नहीं अवैध प्लाटिंग भी कर दी। गालीगलौज व जान से मारने की धमकी भी दी।

- मई 2022 में पिपरी निवासी सूरजपाल को उसकी जमीन पर निर्माण करने से रोकते हुए अतीक के गुर्गों ने 20 लाख की रंगदारी मांगी।इसमें मो. मुस्लिम, माज, खालिद जफर व हसन समेत अन्य पर केस दर्ज हुआ।

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