भगवान शिव से सबसे प्रिय मास सावन की शुरुआत रविवार को आयुष्मान योग में होगी। इस बार सावन में देवाधिदेव महादेव को भक्त जलाभिषेक से प्रसन्न कर सकेंगे। फूलमाला और प्रसाद भी चढ़ाने की कामना पूरी होगी। पिछली बार लॉकडाउन की वजह से भक्त भगवान शिव के करीब नहीं पहुंच सके थे। इस बार बाबा को प्रसन्न करने के लिए चार सोमवार पड़ रहे हैं। प्रथम सोमवार 26 जुलाई को सौभाग्य योग लेकर आ रहा है। ऐसे में यह सावन सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होगा।
Sawan 2021: शिव मंदिरों में आज से गूंजेंगे हर-हर महादेव के उद्घोष, फूलमाला और प्रसाद भी चढ़ा सकेंगे भक्त
- कोविड प्रोटोकॉल के बीच आयुष्मान योग में आज लगेगा सावन, संगम से लेकर शिवालयों तक चढ़ा भक्ति का रंग
- मनकामेश्वर महादेव, सोमेश्वर से लेकर पंडिला महादेव तक सावन की तैयारी पूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार सावन रविवार से आरंभ हो रहा है और 22 अगस्त को रविवार के दिन ही मास पर्यंत जलाभिषेक, व्रत और अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी। सावन के मद्देनजर शिव मंदिरों को भव्य सजा दिया गया है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच इस सावन में भक्त शिव मंदिरों में बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। प्रयागराज के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के साथ ही फूलमाला और प्रसाद भी अर्पित किया जा सकेगा। सावन के स्नान और जलाभिषेक के लिए संगम के अलावा गंगा तटों से लेकर शिवालयों तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिव मंदिरों में इस बार भी सैनिटाइजेशन के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए सर्किल बनाए गए हैं। यमुना के सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रविवार को बैरिकेडिंग कराई जाएगी। यहां पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें लगेंगी। चार बजे भोर में मंगला आरती के बाद बाबा का रंग-बिरंगे फूलों, हरी पत्तियों से भव्य शृंगार होगा। मंदिर के प्रधान पुजारी श्रीधरानंद ने बताया कि इस बार भक्त मनकामेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने के साथ ही फूलमाला और प्रसाद भी अर्पित कर सकेंगे।
उधर, अरैल में सोमेश्वर महादेव मंदिर को भी सावन मास के मद्देनजर सजा दिया गया है। मंदिर के पुजारी राजेंद्र पुरी की देखरेख में दर्शन-पूजन होगा। बालसन चौराहा स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के जलाभिषेक की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहां भी सुबह सात बजे से जलाभिषेक आरंभ होगा। दशाश्वमेध घाट पर स्थित दशाश्वमेधेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन में मास पर्यंत झांकियां सजाई जाएंगी और भक्त अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए जलाभिषेक करेंगे। मंदिर के पुजारी सोम दत्त शास्त्री ने शनिवार को मंदिर परिसर की सजावट कराई। इसी तरह दारागंज में स्थित नागवासुकि महादेव, पंडिला महादेव और तक्षक तीर्थ में भी सावन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
पहला सोमवार- 26 जुलाई
दूसरा सोमवार 02 अगस्त
तीसरा सोमवार 09 अगस्त
चौथा सोमवार 16 अगस्त
घाटों पर एसडीआरएफ और जल पुलिस तैनात
सावन के मद्देनजर गंगा घाटों पर स्टेट डिजास्टर रैपिड फोर्स (एसडीआरएफ) तैनात कर दी गई है। एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों की टीम दशाश्वमेध घाट पर लगा दी गई है। जवानों की स्नानार्थियों को गहरे पानी में जाने से रोकने के साथ ही डूबने से बचाएगी। महीने भर इस घाट पर जवान तैनात रहेंगे। उधर, संगम पर जल पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
कोरोना के खौफ से फिर नहीं निकलेंगी कांवड़ यात्राएं
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की वजह से इस बार भी कांवड़ यात्राएं नहीं निकाली जाएंगी। वैसे सावन लगने से पहले ही शहर की सड़कों पर गेरुआ वस्त्रधारी युवकों का रेला उमड़ने लगता था, लेकिन इस बार यात्रा पर रोक की वजह से कांवड़िए नजर नहीं आ रहे हैं।