खुदा की राह में कुर्बानी का पर्व ईद-उल अजहा यानी बकरीद बुधवार को अकीदत, पाकीजगी और संजीदगी के साथ मनाई गई। हालांकि कोरोना और महंगाई दोनों का साया साफ दिखा लेकिन लोगों के दिलों में जोश और जज्बा कहीं से भी हरगिज कम नहीं रहा। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए जामा मस्जिद चौक, शिया जामा मस्जिद चक सहित शहर की तमाम मस्जिदों, इबादतगाहों में सीमित संख्या में नमाजी जुटे। ज्यादातर अकीदतमंदों ने ईद की तर्ज पर सिर्फ अपने मोहल्ले की मस्जिदों और अपने घरों में ही परिवार के लोगों, रिश्तेदारों केसाथ ही बकरीद की नमाज अदा की।
eid ul adha 2021 : कुर्बानी से पहले कोरोना से निजात के लिए मांगीं दुआएं
- कुर्बानी से पहले कोरोना से निजात के लिए मांगीं दुआएं
- अकीदत, पाकीजगी और संजीदगी से मनाई गई बकरीद
- ईदगाह में नहीं हुई नमाज, इबादतगाहों में सीमित संख्या में जुटे नमाजी
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नमाज के बाद खुदा की बारगाह में हाथ उठे तो मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, खुशहाली और भाईचारगी के साथ कोरोना के पूरी तरह से खात्मे के लिए दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। रवायत के मुताबिक घर वापसी पर जानवरों की ‘कुर्बानी’ कराई गई। मस्जिदों, इबादतगाहों के इर्द-गिर्द सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर के तमाम मुस्लिम इलाकों में सुबह से लेकर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा लेकिन शाम ढलने के साथ ही पहले जैसी रौनक और चहल-पहल नहीं रही।
अबकी कोरोना गाइड लाइन का खौफ इस कदर रहा कि ईदगाह में नमाजियों की सबसे बड़ी जमात जुटना तो दूर, नमाज ही नहीं हुई। ईदगाह मुतवल्ली के मुताबिक ईदगाह में नमाज के लिए किसी को न कहना मुमकिन नहीं था, ऐसे में कोरोना गाइड लाइन के मद्देनजर यह फैसला लिया गया। तब भी सुरक्षा के लिए ईदगाह के बाहर पुलिस तैनात रही। जामा मस्जिद चौक में भी सीमित संख्या में ही नमाजी जुटे। यहां इमाम और खतीब मौलाना रईस अख्तर ने बकरीद की नमाज पढ़वाई। बाद में मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और सभी की तरक्की केसाथ कोरोना से खात्मे के लिए दुआ मांगी गई।
जामा मस्जिद में अबकी तय वक्त से काफी पहले ही नमाज शुरू हो गई थी। नमाजे अलविदा इंतजामिया कमेटी के मोहम्मद आजम, अरशद हबीब आदि ने इंतजाम पर नजर रखी। इसी तरह जामा मस्जिद वसीयाबाद, जामा मस्जिद वसीउल्लाह, दायराशाह अजमल सहित शहर की तमाम मस्जिदों में अकीदत के साथ बकरीद की नमाज अदा की गई। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए हर जगह इमाम के साथ चंद नमाजी ही जुटे।
कुर्बानी का पैगाम देती ही बकरीद
चक स्थित शिया जामा मस्जिद में इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने बकरीद की खास नमाज पढ़वाई। तकरीर में कहा, यह मौका हमें कुर्बानी का पैगाम देता है लेकिन इसका मकसद यह है कि इंसान भीतर की हैवानियत को जिबह करें। बाद में कोरोना के खात्मे सहित मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, सलामती के अतिरिक्त इस्राइल में तबाह हो रहे बेगुनाहों की सलामती के लिए दुआएं मांगी गई।
कुर्बानी के त्योहार ईद-उल-अजहा पर शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने करेली स्थितं मस्जिदे फातिमा में बकरीद की नमाज पढ़वाई। साथ ही कहा, जिस तरह पर्व पर कोरोना गाइड लाइन का पालन किया गया है, उसी तरह से आगे भी करें क्योंकि मुसीबत अभी टली नहीं है। उन्होंने नमाज और कुर्बानी के दौरान बेहतर इंतजाम के लिए प्रशासन की तैयारियों पर राहत महसूस की।
सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
बकरीद के मौैके पर सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। वसीयाबाद मस्जिद पर सभापति आरएस सिंह, डिप्टी डिवीजनल वार्डन धीरज नागर, पोस्ट वार्डेन सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, वार्डन जगदीश केसरवानी,सुजीत कुमार, सुनील निषाद सत्येंद्र सिंह, राकेश गुप्ता,शशि प्रकाश श्रीवास्तव आदि डटे रहे।