Allahabad High Court : पीसीएस की रद्द प्रारंभिक परीक्षा के मामले में फैसला सुरक्षित
पीसीएस-2021 में शासनादेश के अनुरूप पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण न दिए जाने पर पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए एकल पीठ ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रद्द कर दिया था और नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया था।
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पूर्व सैनिकों को आरक्षण के मसले पर पीसीएस-2021 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रद्द किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई मंगलवार को पूरी हो गई है। मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अगुवाई वाली पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
पीसीएस-2021 में शासनादेश के अनुरूप पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण न दिए जाने पर पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए एकल पीठ ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रद्द कर दिया था और नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया गया है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2021 की इंटरव्यू प्रक्रिया भी पूरी कर ली है, लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण आयोग अंतिम चयन परिणाम जारी नहीं कर सकता है। पीसीएस के 678 पदों पर भर्ती के लिए 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे, जो एक रिकार्ड है। प्रारंभिक परीक्षा में 7688 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था।
इसके बाद हुई मुख्य परीक्षा में 1285 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषत किया गया। इंटरव्यू की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। प्रारंभिक परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों को भी अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। वहीं, इंटरव्यू दे चुके अभ्यर्थियों के दिलों की धड़कन भी बढ़ी हुई है।