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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Death case in jail: Father's allegation, sometimes tied him up and sometimes made him lie on ice and beat him.

जेल में मौत मामला : पिता का आरोप, कभी बांधकर तो कभी बर्फ पर लिटाकर पिटाई की

Sat, 30 Sep 2023 07:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 Sep 2023 07:34 AM IST
सार

करेंट का झटका भी दिया। उसे तब तक मारते-पीटते रहे जब तब उससे हत्या का जुर्म कबूलवा न लिए। उसके बाद 27 सितंबर को उसे नैनी सेंट्रल जेल भेज दिए।उधर पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है।

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Death case in jail: Father's allegation, sometimes tied him up and sometimes made him lie on ice and beat him.
नीरज। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध बंदी नीरज भारतीय उर्फ बैद्यनाथ की इलाज के दौरान मौत के मामले में शुक्रवार को भी हंगामा हुआ। परिजनाें ने पुलिस की पिटाई से आई चोटों की वजह से मौत का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि बेटे को पुलिसवालों ने थाने के अंदर कभी बांधकर मारा तो कभी बर्फ पर लिटाकर पिटाई की।

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करेंट का झटका भी दिया। उसे तब तक मारते-पीटते रहे जब तब उससे हत्या का जुर्म कबूलवा न लिए। उसके बाद 27 सितंबर को उसे नैनी सेंट्रल जेल भेज दिए।उधर पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है।
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उधर देर रात दारागंज घाट पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इससे पहले वह शव गांव ले जाने पर अड़े थे। हालांकि पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के समझाने पर मान गए। अंतिम संस्कार करने से पहले उन्होंने डीएम को पुलिस व जेल प्रशासन के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की।
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गौरतलब है कि मांडा थाना क्षेत्र के मेहाजगीर देवा गांव निवासी चंद्रमणि भारतीय के 20 वर्षीय बेटे नीरज को पुलिस ने 27 सितंबर को विवाहिता की हत्या के मामले में जेल भेजा था। बृहस्पतिवार सुबह एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

 

पिता बोले- बेटे को फर्जी फंसाया

उधर शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता चंद्रमणि ने मांडा थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने विवाहिता की हत्या नहीं की थी। बल्कि उसके परिवार के ही लोगों ने उसे मारा। विवाहिता के भाई सत्यदेव ने ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज कराया। मांडा पुलिस ने पहले विवाहिता के ससुरालियों को हिरासत में लिया। उसके बाद उन सभी को छोड़कर 20 सितंबर को उसके बेटे को उठा लिया। वह कारण पूछने थाने गए तो बताया कि विवाहिता की हत्या के मामले मेें पूछताछ के लिए लाए हैं।

यह भी बताया कि वह हर रोज बेटे को खाना देने जाते थे। उधर मांडा थाना इंस्पेक्टर संजय संधू ने बताया कि पुलिस पर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। विवेचना में नीरज के खिलाफ विवाहिता के हत्या का सबूत मिला, जिसमें विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा गया था। इस मामले में प्रभारी जेल अधीक्षक राम सिंह यादव ने बताया कि जब वह जेल में आया था, उसी समय उसे पेट दर्द और उल्टी हो रही थी। जेल अस्पताल में भर्ती किया गया था। राहत न मिलने पर एसआरएन भेज दिया गया था।

दारागंज घाट पर हुआ शव का अंतिम संस्कार

नीरज के शव का शुक्रवार को दोपहर बाद वीडियोग्राफी के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर पर कोई भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखा है।
 

अंतिम संस्कार करा दिया गया है। परिजनों ने न्यायिक जांच की मांग की है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। विधिक प्रक्रिया के अनुसार जल्द ही जांच की जाएगी। -अभिनव त्यागी,डीसीपी यमुनानगर

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