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कैश वैन कंपनी के कस्टोडियन से दिनदहाड़े 22 लाख की लूट
इलाहाबाद, अमर उजाला
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:52 AM IST
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allahabad
- फोटो : allahabad
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कैंट थाना क्षेत्र में मंगलवार को बाइकसवार बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। यहां दिनदहाड़े कैशवैन कंपनी के कस्टोडियन से 22 लाख रुपये लूट लिए गए। सूचना मिली तो पुलिस के होश उड़ गए। आननफानन कैंट के साथ ही धूमनगंज थाने की फोर्स के साथ एसपी सिटी भी पहुंच गए। देर शाम अज्ञात में एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
राइटरर सेफगार्ड प्राइवेट लिमिटेड कैश मैनेजमेंट कंपनी है। यह एटीएम के साथ ही अन्य बड़े प्रतिष्ठानों का कैश लेकर अन्य जगहों पर पहुंचाने का काम करती है। कंपनी का कार्यालय शहर में कन्हईपुर मोड़ पर स्थित है। यहां धूमनगंज के न्याय नगर में रहने वाला प्रशांत राय कस्टोडियन है। प्रशांत का कहना है कि मंगलवार सुबह वह कार्यालय पहुंचा। 11 बजे के करीब वह बैग में दो बैंकों की कलेक्शन मनी 22 लाख रुपये लेकर बाइक से बैंक में जमा करने के लिए जाने लगा। जब वह चौफटका के पास नेहरू पार्क के पास पहुंचा तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने तमंचा निकाल लिया और उससे बैग छीनने लगे।
प्रशांत ने विरोध किया तो बदमाशों ने तमंचा सटा दिया और उसे गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित ने सूचना दी तो डायल 100 पुलिस पहुंच गई। जानकारी पर कुछ देर बाद धूमनगंज और कैंट पुलिस समेत एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव भी पहुंच गए। क्राइम ब्रांच को भी बुलाया गया। कस्टोडियन से पूछताछ के बाद पुलिस उसे थाने ले गई। इंस्पेक्टर कैंट रमेश सिंह रावत ने बताया कि भुक्तभोगी की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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खंगाला जा रहा सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कस्टोडियन से घंटे भर पूछताछ की। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के बाबत जानकारी हासिल की गई। जिस जगह घटना हुई, वह सुनसान रहती है। हालांकि कुछ दूर पर स्थित दुकानों, घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही।
10 लाख से ज्यादा पर जरूरी होते हैं गार्ड
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि कंपनी कैश मैनेजमेंट का काम करती है। यह बैंकों का या फिर बड़े प्रतिष्ठानों का कैश एक-जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाती है। कंपनी के नियमों के मुताबिक 10 लाख से ज्यादा नगदी होने पर सशस्त्र गार्डों का साथ होना जरूरी है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि बिना गार्डों के इतनी बड़ी रकम किन परिस्थितियों में एक अकेले कस्टोडियन को सौंप दी गई। कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ की जाएगी।
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राइटरर सेफगार्ड प्राइवेट लिमिटेड कैश मैनेजमेंट कंपनी है। यह एटीएम के साथ ही अन्य बड़े प्रतिष्ठानों का कैश लेकर अन्य जगहों पर पहुंचाने का काम करती है। कंपनी का कार्यालय शहर में कन्हईपुर मोड़ पर स्थित है। यहां धूमनगंज के न्याय नगर में रहने वाला प्रशांत राय कस्टोडियन है। प्रशांत का कहना है कि मंगलवार सुबह वह कार्यालय पहुंचा। 11 बजे के करीब वह बैग में दो बैंकों की कलेक्शन मनी 22 लाख रुपये लेकर बाइक से बैंक में जमा करने के लिए जाने लगा। जब वह चौफटका के पास नेहरू पार्क के पास पहुंचा तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने तमंचा निकाल लिया और उससे बैग छीनने लगे।
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प्रशांत ने विरोध किया तो बदमाशों ने तमंचा सटा दिया और उसे गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित ने सूचना दी तो डायल 100 पुलिस पहुंच गई। जानकारी पर कुछ देर बाद धूमनगंज और कैंट पुलिस समेत एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव भी पहुंच गए। क्राइम ब्रांच को भी बुलाया गया। कस्टोडियन से पूछताछ के बाद पुलिस उसे थाने ले गई। इंस्पेक्टर कैंट रमेश सिंह रावत ने बताया कि भुक्तभोगी की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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खंगाला जा रहा सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कस्टोडियन से घंटे भर पूछताछ की। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के बाबत जानकारी हासिल की गई। जिस जगह घटना हुई, वह सुनसान रहती है। हालांकि कुछ दूर पर स्थित दुकानों, घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही।
10 लाख से ज्यादा पर जरूरी होते हैं गार्ड
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि कंपनी कैश मैनेजमेंट का काम करती है। यह बैंकों का या फिर बड़े प्रतिष्ठानों का कैश एक-जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाती है। कंपनी के नियमों के मुताबिक 10 लाख से ज्यादा नगदी होने पर सशस्त्र गार्डों का साथ होना जरूरी है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि बिना गार्डों के इतनी बड़ी रकम किन परिस्थितियों में एक अकेले कस्टोडियन को सौंप दी गई। कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ की जाएगी।