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खेत में पहुंचा मगरमच्छ.. शिकार बनने से बचा किसान
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किसान के खेत में घुसा मगरमच्छ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
फसल काट रहे किसान से एक मीटर दूर देखकर दूसरे किसानों ने मचाया शोर
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डेढ़ घंटे धूप सेंकने के बाद लौट गया, बसावनपुर गांव में फैली दहशत
शाही। बसावनपुर में फसल काट रहा एक किसान की मगरमच्छ का शिकार बनने से बाल-बाल बच गया। नदी से निकला मगरमच्छ उसके बिल्कुल करीब पहुंच गया। मगरमच्छ को किसान से बमुश्किल एक मीटर दूर देखकर आसपास काम कर रहे दूसरे किसानों ने शोर मचाया तो उसने भागकर जान बचाई। गांववालों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी लेकिन कोई अफसर-कर्मचारी नहीं पहुंचा। करीब डेढ़ घंटे धूप सेंकने के बाद मगरमच्छ वापस पानी में चला गया।
बसावनपुर के लोगों ने बताया कि बहगुल नदी के कुंडे में 10-12 दिनों से दो मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। मंगलवार दोपहर गांव के छेदालाल कश्यप अपने परिवार के साथ गेहूं की फसल काट रहे थे। इसी दौरान कुंड से निकलकर मगरमच्छ धीरे-धीरे छेदालाल के खेत तक पहुंच गया। मगरमच्छ छेदालाल से बमुश्किल एक मीटर की दूरी पर रहा होगा। इसी बीच दूसरे किसानों की नजर उस पर पड़ गई और शोर मचाते हुए वह उस ओर दौड़े। इस पर छेदालाल भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का शोर सुनकर गांव से तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक मगरमच्छ वहीं धूप सेंकता रहा। इसके बाद वापस पानी में चला गया। लोगों ने मामले की सूचना वन विभाग को भी दी, लेकिन कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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क्या अनहोनी के बाद ही जागेंगे अफसर
लगातार 12 दिन से क्षेत्र में मगरमच्छ के डेरा जमाए होने के बावजूद उसके पकड़े न जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। गांववालों का कहना है कि लगातार सूचना के बाद भी वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। इससे तो यही लगता है कि किसी की जान जाने के बाद ही विभाग के अफसर जागेंगे। मंगलवार को भी मगरमच्छ पानी से बाहर डेढ़ घंटे तक बैठा रहा। इस दौरान उसे वन विभाग की टीम आसानी से पकड़ सकती थी, लेकिन कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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‘मामला संज्ञान में आया है। वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि मौके पर टीम भेजकर मगरमच्छ को पकड़वाया जाए।’ - राजेश चंद्र, एसडीएम मीरगंज
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डेढ़ घंटे धूप सेंकने के बाद लौट गया, बसावनपुर गांव में फैली दहशत शाही। बसावनपुर में फसल काट रहा एक किसान की मगरमच्छ का शिकार बनने से बाल-बाल बच गया। नदी से निकला मगरमच्छ उसके बिल्कुल करीब पहुंच गया। मगरमच्छ को किसान से बमुश्किल एक मीटर दूर देखकर आसपास काम कर रहे दूसरे किसानों ने शोर मचाया तो उसने भागकर जान बचाई। गांववालों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी लेकिन कोई अफसर-कर्मचारी नहीं पहुंचा। करीब डेढ़ घंटे धूप सेंकने के बाद मगरमच्छ वापस पानी में चला गया।
बसावनपुर के लोगों ने बताया कि बहगुल नदी के कुंडे में 10-12 दिनों से दो मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। मंगलवार दोपहर गांव के छेदालाल कश्यप अपने परिवार के साथ गेहूं की फसल काट रहे थे। इसी दौरान कुंड से निकलकर मगरमच्छ धीरे-धीरे छेदालाल के खेत तक पहुंच गया। मगरमच्छ छेदालाल से बमुश्किल एक मीटर की दूरी पर रहा होगा। इसी बीच दूसरे किसानों की नजर उस पर पड़ गई और शोर मचाते हुए वह उस ओर दौड़े। इस पर छेदालाल भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का शोर सुनकर गांव से तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक मगरमच्छ वहीं धूप सेंकता रहा। इसके बाद वापस पानी में चला गया। लोगों ने मामले की सूचना वन विभाग को भी दी, लेकिन कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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क्या अनहोनी के बाद ही जागेंगे अफसर
लगातार 12 दिन से क्षेत्र में मगरमच्छ के डेरा जमाए होने के बावजूद उसके पकड़े न जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। गांववालों का कहना है कि लगातार सूचना के बाद भी वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। इससे तो यही लगता है कि किसी की जान जाने के बाद ही विभाग के अफसर जागेंगे। मंगलवार को भी मगरमच्छ पानी से बाहर डेढ़ घंटे तक बैठा रहा। इस दौरान उसे वन विभाग की टीम आसानी से पकड़ सकती थी, लेकिन कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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‘मामला संज्ञान में आया है। वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि मौके पर टीम भेजकर मगरमच्छ को पकड़वाया जाए।’ - राजेश चंद्र, एसडीएम मीरगंज