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जेल में बंद विनोद बी लाल के इशारे पर बिशप को दी गई धमकी

Mon, 05 Feb 2018 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 05 Feb 2018 11:51 PM IST
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thret to bishop
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
फर्जी तरीके से बिना मान्यता के स्कूल चलाने और करोड़ों रुपये के गबन के मामले में जेल में बंद शुआट्स (सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेकभनोलॉजी एंड साइंसेस) के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल पर मुकदमे की पैरवी न करने केलिए धमकी दिलवाने का आरोप लगा है। यह आरोप चर्च ऑफ इंडिया के लखनऊ के बिशप रेव्ह जॉन अगस्टिन ने लगाया है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एडीजी, एसएसपी, एसपी क्राइम ब्रांच समेत तमाम आलाधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से की है। उनके शिकायतीपत्र का संज्ञान लेते हुए एसपी क्राइम ब्रांच की ओर से संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है।
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रेव्ह जॉन अगस्टिन पुत्र जलाशियस अगस्टिन सेंट मेरीज स्कूल, पारा रोड राजाजीपुरम लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह चर्च ऑफ इंडिया, जिसका कार्यालय महात्मा गांधी मार्ग लखनऊ में स्थित है, की लखनऊ डायसिस के मुख्य बिशप हैं। इसके साथ ही वह इंडियन चर्च ट्रस्टीज के चेयरमैन और भारत में चर्च ऑफ इंडिया, पाकिस्तान, बर्मा एवं सीलोन के मेट्रोपोलिटन हैं। उन्होंने पुलिस को सौंपे गए शिकायती पत्र में कहा है कि वह चर्च संस्थाओं में भ्रष्टाचार आदि के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने पिछले साल शहर के जार्जटाउन थाने में धोखाधड़ी समेत विभिन्न मामलों में शुआट्स के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान दो अन्य लोगों का नाम सामने आया था। मामले की विवेचना मौजूदा समय में क्राइम ब्रांच कर रही है। जिसमें मुख्य बिशप अगस्टिन ने बयान भी दर्ज कराया। उनका आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों और उनके लोगों ने उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाना शुरू कर दिया। 
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आरोप है कि जेल में बंद विनोद बी लाल ने भी अपने लोगों से उन्हें धमकी दिलवाई। पिछले दिनों इलाहाबाद आने पर अभियुक्तों के करीबी व्यक्ति ने तमंचा सटाकर उन्हें बंधक बना लिया और फिर सादे कागजों, प्रपत्रों और स्टाम्प पेपरों पर दस्तखत करवा लिए। बताया कि इन हस्ताक्षरों के जरिए ही उनका झूठा हलफनामा बनवाकर अभियुक्तों से मुकदमा वापस लेने की साजिश रची जा रही है। जबकि वह विवेचक को दिए गए बयान पर अब भी कायम हैं। इस संबंध में एसपी क्राइम ब्रांच बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि शिकायत मिली है और इस पर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है। पूछताछ केबाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि विनोद बी लाल के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

सूत्रों की मानें इस तरह की दूसरी शिकायत सामने आने केबाद क्राइम ब्रांच की ओर से विनोद बी लाल को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की रिपोर्ट एक बार फिर से जिलाधिकारी और एसएसपी को भेजी गई है। एसपी क्राइम ब्रांच ने भी इस बात की पुष्टि की है। उनका कहना है कि वादी की शिकायत केबाद की गई जांच में यह बात सामने आ रही है कि विनोद बी लाल मुकदमे को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में उसकी जेल बदले जाने केलिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। बता दें कि करीब 15 दिन पहले भी इस संबंध में रिपोर्ट भेजी गई थी। तब भाजपा काशी क्षेत्र केउपाध्यक्ष दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने शिकायत की थी कि जेल केभीतर रहने केबावजूद विनोद बी लाल लगातार फोन से बातें कर रहा है। यही नहीं इस संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने केबाद हड़कंप भी मचा था।
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