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चोरों ने कई अन्य लॉकरों से भी की थी छेड़छाड़

Fri, 04 May 2018 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 04 May 2018 01:13 AM IST
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The thieves had also tampered with many other lockers
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में चोरों ने 17 ही नहीं, कई अन्य लॉकरों को तोड़ने की भी कोशिश की थी। बैंक पहुंचे ग्राहक लॉकर से हुई छेड़छाड़ को देखकर परेशान हो गए। इनमें से कई लॉकर बैंक मैनेजर और ग्राहक की चाबी से भी नहीं खुले। बैंक की ओर से लॉकर बनाने वाली कंपनी के विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। ग्राहकों की मौजूदगी में उन्हें खोला या तोड़ा जाएगा।
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शाखा में बृहस्पतिवार को बैंकिंग लेनदेन नहीं हुआ और सन्नाटा पसरा रहा लेकिन, लॉकर देखने के लिए ग्राहकों के पहुंचने का क्रम दिन भर जारी रहा। शाखा खुलने के साथ ही लोग पहुंचने लगे। उन्हें बारी-बारी से लॉकर रूम में भेजा गया। कई ग्राहकों ने लॉकर नहीं खुलने की शिकायत की। बुधवार को भी कई ग्राहकों ने लॉकर का लॉक नहीं खुलने की शिकायत की थी। ग्राहकों के अनुसार चोरों ने कई अन्य लॉकरों को तोड़ने की कोशिश की थी। इस कोशिश में कई लॉक के ऊपरी पार्ट उखड़ गए हैं। हालांकि, चोरी वाले 17 लॉकर छोड़ दें तो अन्य कहीं से खुले या टूटे नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि  अन्य लॉकर सुरक्षित हैं। जांच शुरू होने का हवाला देते हुए बैंक के अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उन्होंने इतना जरूर बताया कि लॉकर के विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। ग्राहकों की मौजूदगी में उनके लॉकर खोले जाएंगे।
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इलाहाबाद। चोरी की घटना के तीन दिन बाद भी यूकों बैंक की सिविल लाइंस शाखा के हालात सामान्य नहीं हुए थे। बृहस्पतिवार को परिसर में हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा तो अफसरों और कर्मचारियों के साथ लॉकर देखने के लिए पहुंचे ग्राहकों के चेहरे पर भी गम और चिंता साफ नजर आ रही थी। इस चोरी के शिकार कई परिवार भी पहुंचे थे तथा उनकी डबडबाई आंखें यह बया कर रही थीं कि उनकी अब तक की पूरी कमाई लूट चुकी है।
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शाखा परिसर में गिनती के लोग ही थे। उनके बीच बैठीं मां-बेटी पर सभी की निगाहें रहीं। उनकी डबडबाई आंखें बता रहीं थीं कि उनका लॉकर के सभी सामान भी चोर उठा ले गए हैं। बातचीत में उन्होंने इतना ही नहीं कहा कि वह इस मनोदशा में नहीं हैं कुछ बता सकें। वह लॉकर देखने आई हैं कि उसका हश्र क्या हुआ है। उन लोगों ने पहले भी लॉकर देखा था लेकिन मन नहीं माना तो पूरी तरह से तसल्ली करने के लिए बृहस्पतिवार को भी पहुंच गईं। वीके सिंह नामक ग्राहक के लॉकर से भी छेड़छाड़ हुई है। हालांकि चोर उसे खोलने में नाकाम रहे। बैंक के अफसर उन्हें फोन करके बुला रहे थे। ताकि, विशेषज्ञ की मदद से उनकी मौजूदगी में लॉकर को खोला जा सके।

0 अपनी पत्नी के साथ पहुंचे लूकरगंज के रितेश राहत महसूस कर रहे थे। उन लोगों ने अपना लॉकर देख लिया था और उनका पूरा सामान मौजूद था। रितेश बैंक कर्मियों के व्यवहार से भी खिन्न थे। उनका कहना था कि बुधवार को भी वे लोग बैंक पहुंचे थे लेकिन लॉकर नहीं दिखाया गया। उन लोगों ने शाखा में गार्ड की तैनाती नहीं होने तथा सुरक्षा के अन्य पहलुओं को लेकर भी बैंक पर सवाल उठाए।

शाखा परिसर में बृहस्पतिवार को कुल आठ से 10 कर्मचारी और अफसर मौजूद रहे। काउंटर खाली थे लेकिन भीतर बैठे बैंक कर्मी लॉकर से संबंधित काम में लगे थे। लॉकर बुक कराने वालों से संबंधित रजिस्टर भी वहीं था। उनसे मिलान के बाद ग्राहकों को लॉकर देखने के लिए भीतर भेजा जा रहा था। ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा था। किसी तरह की असुविधा पर बैंक कर्मी तत्काल उनके पास पहुंच जाते। हालांकि, लोगों के कई सवाल थे जिनका जवाब बैंक कर्मियों के पास नहीं थे।


मुख्य प्रबंधक बृहस्पतिवार को दिन में शाखा में नहीं बैठे। कई ग्राहकों ने उनसे मिलने की इच्छा जताई लेकिन वह नहीं थे। ऐसे में ग्राहकों को उनके सवालों का जवाब नहीं मिल पाया। अफसरों का कहना था कि चूंकि सिविल लाइंस शाखा में बैंकिंग काम ठप है। इसकी वजह से चेक तथा अन्य काम के संबंध में मुख्य प्रबंधक बैंक की नगर निगम शाखा में गए हैं।

यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में तीन दिनों से बैंकिंग लेनदेन ठप है। चोरों ने नेटवर्किंग सिस्टम को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इसकी वजह से कोई काम नहीं हो सका। सोमवार से ही शाखा में बैंकिंग काम सुचारू होने की उम्मीद है।
रविवार की रात में स्ट्रांग रूम तक पहुंच गए चोर शाखा से मॉडम आदि भी उठा ले गए। शाखा की नेटवर्किंग व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करने के मकसद से उन्होंने तार आदि उखाड़ दिए। चूंकि, चोरी की जानकारी होने के बाद मंगलवार को दिन भर छानबीन होती रही। बुधवार को भी पुलिस तथा जांच एजेंसी के अफसरों के अलावा ग्राहकों का जमावड़ा हुआ। इसकी वजह गड़बड़ी ठीक नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को नेटवर्क जोड़ने की कोशिश की गई लेकिन अभी सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इसकी वजह से शाखा में कोई काम नहीं हुआ। भुगतान, आधार नंबर की जानकारी तथा अन्य काम से कई ग्राहक बैंक पहुंचे लेकिन उन्हें वापस होना पड़ा। जिन्हें पैसे की जरूरत थी उन्हें नगर निगम शाखा भेजा गया। अफसरों का कहना है कि सोमवार से ही शाखा में सेवा सुचारू हो पाएगी।

यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में बृहस्पतिवार को दो सिपाही तैनात दिखे। शाखा परिसर में रात में किसी गार्ड की तैनाती नहीं रहती थी लेकिन स्ट्रांग रूम काटकर लॉकर से चोरी की घटना के बाद बैंक तथा पुलिस प्रशासन की नींद खुल गई है। वहां 24 घंटे के लिए सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है।

यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में हुई चोरी के शिकार ग्राहकों को मुआवजा दिलाने की कवायद भी शुरू हो गई है। हालांकि, अफसरों के अनुसार ग्राहकों के पास क्लेम का बहुत मजबूत आधार नहीं है लेकिन उन्हें राहत दिलाने के लिए आरबीआई तथा सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इसके लिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भी की जाएगी। इस बाबत बैंक की ओर से भी रिपोेर्ट भेजने की तैयारी है।

इंडियन कांट्रैक्ट ऐक्ट के तहत ग्राहकाें का बैंक पर कोई क्लेम नहीं बनता लेकिन राहत मिल सकती है। बैंक के एक अफसर का कहना है कि आरबीआई तथा सरकार राहत की घोषणा कर सकती है। ऐसा कई मामलों में हुआ भी है लेकिन इसके लिए सभी स्तर पर दबाव बनाना होगा। उनका कहना है कि पुलिस तथा बैंक की ओर से पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। आरबीआई तथा सरकार को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। राहत देने का आधार क्या होगा यह आरबीआई तथा सरकार ही तय कर सकती है।
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