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सुमित हत्याकांड में हो सकता है नया खुलासा

Thu, 04 Aug 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 04 Aug 2016 01:43 AM IST
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Sumit murder could be revealing
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
वकील सुमित पांडेय हत्याकांड में नया मोड़ आ सकता है। पुलिस इस वारदात में दो सगे भाइयों  को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तब पुलिस ने दावा किया था कि मुकदमे की पैरवी में नाकाम रहने पर वकील को मारा गया था। इसमें सोरांव का भी एक अपराधी शामिल था लेकिन अब पुलिस इस हत्याकांड में नया खुलासा कर सकती है। घटना में चार शूटरों की धरपकड़ की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि दो शूटर पकड़े गए हैं और अगले एक-दो दिन में पुलिस हत्याकांड का नए सिरे से पर्दाफाश कर सकती है। हत्याकांड के तार जेल से भी जुड़े हैं।
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बद्री आवास योजना रसूलाबाद निवासी सुमित पांडेय तीन जुलाई की सुबह सैर पर निकले थे तभी स्टेनली रोड पर बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। उन्हें पीजीआई लखनऊ में भर्ती किया गया था। पुलिस ने घटना के एक हफ्ते बाद ही राजापुर में रहने वाले अरविंद कुमार और उसके भाई प्रहलाद को गिरफ्तार कर दावा किया था कि सुमित को 307 (हत्या की कोशिश) के मुकदमे में नामजद इन दोनों भाइयों के नाम केस से हटाने मेें नाकाम रहने पर गोली मारी गई। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया था कि अरविंद ने सोरांव इलाके के रिंकू के साथ मिलकर सुमित को गोली मारी थी। घटना के तकरीबन बीस दिन बाद सुमित ने पीजीआई में दम तोड़ दिया था।
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तब से वकीलों के बीच चर्चा है कि सुमित की हत्या में दूसरे शूटर शामिल हैं। कत्ल की वजह भी कुछ और है। अब पता चला है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच भी वकीलों में गुस्से को देखते हुए इस कत्ल का नए सिरे से खुलासा करने में जुटी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पहले पकड़े गए दो लोगों को पुलिस ने फर्जी फंसाया। इस बारे में पुलिस का कहना है कि सुमित ने खुद पीजीआई में विवेचक आरके चौरसिया को अरविंद पुत्र संतोष का नाम बताते हुए कहा था कि उसने ही गोली मारी है। मगर जांच में अब दूसरे नाम सामने आए हैं तो तलाश की जा रही है। हो सकता है कि घायल सुमित से अरविंद की पहचान में गफलत हो गई हो।
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सुमित हत्याकांड में शूटरों का लगा लिया गया है। दो शूटरों के पकड़े जाने की भी बात सामने आई है। घटनाक्रम का भी पता चल चुका है। सूत्रों का कहना है कि इसमें एक शूटर से सुमित का मिलना-जुलना था। मगर घटना से कुछ दिन पहले खानपान के दौरान विरोधी गुट के शूटरों से झगड़े के बाद कुछ ऐसा हुआ कि सुमित का कत्ल कर दिया गया। शूटरों का आका नैनी जेल में बंद है। झगड़े के बाद उसने भी दोनों तरफ के लोगों को फोन किया था। फिलहाल पुलिस इस बारे में अधिकृत तौर पर कुछ भी बोलने से मना कर रही है।
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